Training center in Bihar:
पटना, एजेंसियां। बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड के बिछिया में स्थित बिहार का इकलौता एकलव्य राज्य स्तरीय आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र अब स्थानांतरित करने की योजना के चलते स्थानीय लोगों में भारी विरोध शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण केंद्र पिछले 35 वर्षों से इसी स्थान पर संचालित हो रहा है और इसकी वजह से लोगों की भावनाएं इस जगह से जुड़ी हुई हैं।
खेल विभाग
खेल विभाग के तहत आने वाले बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने हाल ही में एक लेटर जारी किया है, जिसमें इस कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र को कैमूर के रामगढ़ प्रखंड के अंतर्गत स्थानांतरित करने की बात कही गई है। इस खबर के बाद से बिछिया के स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वे मांग कर रहे हैं कि यह केंद्र वहीं रहे जहां पिछले दशकों से यह काम कर रहा है, क्योंकि इसका क्षेत्र और वहां के लोगों के साथ गहरा नाता जुड़ा हुआ है।
राबड़ी देवी
यह प्रशिक्षण केंद्र 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा उद्घाटित किया गया था। बाद में 2010 में राज्य सरकार ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने के लिए अधिग्रहित कर एकलव्य राज्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया। केंद्र ने बिहार के कुश्ती प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्थानीय लोगों का कहना
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र के स्थानांतरित होने से न केवल खिलाड़ियों को असुविधा होगी, बल्कि इस क्षेत्र के खेल गतिविधियों और युवाओं के विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और केंद्र को बिछिया में ही बनाए रखा जाए।इस विवाद के बीच अभी तक विभाग की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और खेल प्राधिकरण के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, ताकि इस मामले का समाधान निकाला जा सके।
इस स्थानांतरण के फैसले ने कैमूर के खेल प्रेमियों और युवाओं में चिंता की लहर दौड़ा दी है, जो चाहते हैं कि बिहार का यह एकमात्र कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र अपनी परंपरागत जगह पर ही बना रहे और भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराता रहे।
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