भारतीय नौसेना को मिली नई शक्ति: रक्षा मंत्रालय ने मंजूर किए DRDO के प्रेशर-बेस्ड माइंस और माइनस्वीपर पोत [Indian Navy gets new power: Defense Ministry approves DRDO’s pressure-based mines and minesweeper vessels]

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Indian Navy :

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए DRDO द्वारा विकसित प्रेशर-बेस्ड मूरड माइंस और 12 अत्याधुनिक स्वदेशी माइनस्वीपर पोतों की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह एक बड़ा कदम है जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देगा और भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता को काफ़ी मजबूत बनाएगा।

Indian Navy :प्रेशर-बेस्ड मूरड माइंस:

ये माइंस समुद्र में एक निश्चित गहराई पर तार के जरिए लटके रहते हैं और पानी के दबाव में बदलाव का पता लगाकर जहाजों और पनडुब्बियों को निशाना बनाते हैं। ये पारंपरिक माइंस से ज्यादा एडवांस्ड और डिटेक्ट करना मुश्किल हैं। DRDO की यह तकनीक पूरी तरह स्वदेशी है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देती है।

Indian Navy :माइनस्वीपर पोत:

ये लगभग 3,000 टन के पोत होंगे, जिनकी लागत लगभग 3,500 करोड़ रुपये प्रति पोत होगी। ये पोत दुश्मन द्वारा समुद्र में बिछाई गई माइंस को खोजकर निष्क्रिय करने के लिए सोनार, ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम से लैस होंगे। इनसे भारतीय नौसेना को समुद्री रास्तों की सुरक्षा और दुश्मन की माइनिंग गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी।

Indian Navy :ऑपरेशन में भूमिका:

ये हथियार मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, अंडमान-निकोबार जैसे संवेदनशील तटों की रक्षा करेंगे। संकट के समय ये मूरड माइंस स्ट्रेट ऑफ मलक्का, कराची और ग्वादर जैसे दुश्मन के महत्वपूर्ण बंदरगाहों के पास भी दुश्मन की चालों को बेकार कर सकते हैं।

यह सौदा लगभग 44,000 करोड़ रुपये का है, जो भारतीय नौसेना की मारक क्षमता और समुद्री नियंत्रण को अगले स्तर पर ले जाएगा। साथ ही यह ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती प्रदान करते हुए रक्षा उद्योग को बढ़ावा देगा।

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