World Hearing Day 2026: 2050 तक बढ़ेगा बहरेपन का खतरा, जानिए World Health Organization ने क्या कहा?

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World Hearing Day 2026:

नई दिल्ली, एजेंसियां। 3 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व श्रवण दिवस से पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सुनने की क्षमता को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। फरवरी 2025 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में करीब 43 करोड़ लोग बहरेपन या गंभीर श्रवण समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें 3 करोड़ से अधिक बच्चे शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यदि हालात नहीं बदले तो 2050 तक यह संख्या 70 करोड़ से अधिक हो सकती है यानि उस समय हर दस में से एक व्यक्ति सुनने की समस्या से प्रभावित होगा।

क्या है इस संकट का मूल कारण?

WHO के अनुसार, केवल उम्र बढ़ना ही बहरेपन का कारण नहीं है। आधुनिक जीवनशैली और लगातार बढ़ता ध्वनि प्रदूषण इस संकट की बड़ी वजह बन रहे हैं। तेज शोर वाली जगहों-जैसे ट्रैफिक, फैक्ट्रियों और निर्माण स्थलों—पर लंबे समय तक रहना सुनने की नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।इसके अलावा, कुछ औद्योगिक रसायन (ओटोटॉक्सिक केमिकल) भी कान की आंतरिक संरचना को प्रभावित करते हैं। समय पर कान के संक्रमण का इलाज न कराना भी समस्या को गंभीर बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी और लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़े खतरे का संकेत है।

युवाओं और बच्चों पर ज्यादा खतरा

रिपोर्ट में युवाओं और बच्चों को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। स्मार्टफोन, पर्सनल ऑडियो डिवाइस और गेमिंग कल्चर के कारण युवा लंबे समय तक तेज आवाज में संगीत सुन रहे हैं। इससे कानों की संवेदनशील कोशिकाएं समय से पहले कमजोर हो रही हैं।बढ़ता स्क्रीन टाइम और हेडफोन का अधिक उपयोग बच्चों के शुरुआती श्रवण विकास पर नकारात्मक असर डाल रहा है। WHO का मानना है कि यदि सुरक्षित सुनने की आदतें नहीं अपनाई गईं तो आने वाली पीढ़ी में श्रवण दोष के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।

कौन-सी आदतें बढ़ाती हैं जोखिम?

60% से अधिक वॉल्यूम पर घंटों तक ईयरफोन का इस्तेमाल करना बेहद हानिकारक है। कान साफ करने के लिए नुकीली वस्तुओं या ईयर बड्स का प्रयोग भी संक्रमण और पर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। शोरगुल वाले माहौल में बिना सुरक्षा के लंबे समय तक रहना स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।

बचाव के उपाय

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शोर-शराबे वाली जगहों पर नॉइज-कैंसलिंग हेडफोन या ईयरप्लग का उपयोग करें। एक घंटे से अधिक समय तक लगातार ऑडियो न सुनें और बीच-बीच में कानों को आराम दें। कान में दर्द, भारीपन या टिनिटस (घंटी बजना) जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें।विश्व श्रवण दिवस का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है कि सुनने की क्षमता की सुरक्षा आज से ही शुरू करनी होगी, तभी 2050 की संभावित संकटपूर्ण स्थिति से बचा जा सकता है।

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