रांची। आज 16 अगस्त को हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। उनका जन्म 25 दिसम्बर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था।
लंबे समय तक बीमार रहने के बाद 93 वर्ष की उम्र में 16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया था।
अटल बिहारी वाजपेयी जी कहते थे कि उनको मौत से कोई डर नहीं है, वो तो बदनामी होने से डरते हैं।
इस अवसर पर आज सुबह अटल स्मारक पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के एक महान नेता और प्रभावशाली विचारक थे। उन्हें भारत के प्रति निस्वार्थ समर्पण और समाज की सेवा के लिए भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पद्म विभूषण दिया गया।
1994 में उन्हें भारत का सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया। इसके बाद 2014 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
वाजपेयी की बातें अक्सर उम्मीद, धैर्य और सच्चाई की ओर ईशारा करती हैं। उन्होंने हमेशा अपने शब्दों के माध्यम से लोगों को संघर्ष, समर्पण और महानता की ओर प्रेरित किया है।
उनके सोच-विचार आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। वे कहते थे कि एक इंसान की पहचान उसके धन या पद से नहीं बल्कि उसके मन से होती है। वाजपेयी जी जात-पात या छुआ-छूत को बिल्कुल नहीं मानते थे।
उनकी कुछ कविताओं में से ये पंक्तियां लोकप्रिय है-
दाव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते।
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