सुनीता विलियम्स को धरती पर लाने वाले ड्रैगन कैप्सूल की ये हैं खूबियां, क्या है खास [These are the features of the Dragon capsule that brought Sunita Williams to Earth, what is special]

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नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स और उनके साथी ड्रैगन कैप्सूल की मदद से लैंडिंग करेंगे। सभी अंतरिक्षयात्रियों की लैंडिंग फ्लोरिडा के तट पर होने की बात कही गई है।

जानिए, कितना अलग है ड्रैगन कैप्सूल जिससे सुनीता विलियम्स समेत सभी साथियों की वापसी होगी, कैसे काम करता है और अंदर से कैसा है। आसान भाषा में समझें तो ड्रैगन कैप्सूल का काम अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशन स्पेस स्टेशन तक पहुंचाना और वहां पर मौजूद एस्ट्रोनॉट को धरती तक लाना है।

इसे एलन मस्क की कंपनी ने तैयार किया. ड्रैगन कैप्सूल की टेस्टिंग के लिए कॉमर्शियल टेस्टिंग प्रोग्राम चलाया गया था। जिसके तहत अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और स्पेसक्स ने मिलकर इसकी टेस्टिंग की थी।

ड्रैगन एयरक्राफ्ट 7 लोगों को लाने और ले जाने के लिए तैयार किया गया है। यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अधिक दूरी तक जाकर वापसी आ सकता है। यह भारी मात्रा में धरती से सामान स्पेस स्टेशन तक ले जा सकता है और वहां से वापस भी ला सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल कार्गो स्पेसक्राफ्ट के तौर पर भी किया जा सकता है।

छह पैराशूट वाला ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ऐसे काम करता है काम

यह ऐसा पहला प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट है जो इंसान को स्पेस से धरती तक लाता है। 8.1 मीटर लम्बे ड्रैगन एयरक्राफ्ट में 16 इंजनों का इस्तेमाल किया गया है। अंतरिक्ष यात्रियों की लैंडिंग को आसान बनाने के लिए इसमें 6 पैराशूट लगाए गए हैं।

2 पैराशूट इस एयरक्राफ्ट की गति को स्टेबल बनाने का काम करते हैं। वहीं, 4 पैराशूट लैंडिंग से पहले स्पेसक्राफ्ट की गति को कम करने में मदद करते हैं। इस तरह पानी में एस्ट्रोनॉट की लैंडिंग आसान हो जाती है।

44 बार स्पेस स्टेशन जा चुका

स्पेसएक्स की आधिकारिक वेबसाइट कहती है, ड्रैगन कैप्सूल अब तक 44 बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंच चुका है। यह अपने 49 मिशन पूरा कर चुका है। स्पेसएक्स का दावा है कि इसमें एस्ट्रोनॉट की लैंडिंग के लिए सबसे सुरक्षित और सबसे विश्वसनीय पैराशूट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।

ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा, ISS या उससे भी आगे ले जा सकता है। ड्रैगन एयरक्राफ्ट में 16 ड्रैको थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया गया है, जो मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट को चलाने में मदद करते हैं। हर ड्रेको थ्रस्टर अंतरिक्ष में 90 पाउंड का फोर्स पैदा करता है।

कहां और कैसे उतरेगा विमान?

स्पेसक्राफ्ट को अमेरिका के फ्लोरिडा तट पर पानी में उतारा जाएगा। फिर एक-एक करके अंतरिक्ष यात्री बाहर निकाले जाएंगे। नासा इसकी पूरी लाइव कवरेज दिखाएगा। लैंडिंग के बाद सभी अंतरिक्षयात्रियों को नासा जॉनसन स्पेस सेंटर भेजेगा ताकि उनकी मेडिकल जांच की जा सके। इस दौरान उनके शारीरिक और मानसिक बदलाव को समझने की कोशिश की जाएगी।

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