सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव के विवादित बयान पर संज्ञान लिया… [The Supreme Court has taken cognizance of the controversial statement of Allahabad High Court judge Justice Shekhar Kumar Yadav…]

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नई दिल्ली, एजेंसियां। विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव के विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा संज्ञान लिये जाने की सूचना है। बता दें कि कैंपेन फॉर ज्यूडीशियल अकाउंटैबिलिटी एंड रिफॉर्म्स (CJAR) ने सीजेआई संजीव खन्ना को पत्र लिखकर शिकायत की थी।

पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव के बयान की इन-हाउस जांच की मांग की गयी है। जांच होने तक जस्टिस को सभी न्यायिक कार्यों से दूर रखने की मांग की गयी है।

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस शेखर कुमार यादव की स्पीच को लेकर अखबारों में छपी रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट से इसका ब्योरा मांगा है। SC ने कहा, मामला विचाराधीन है। हाईकोर्ट से विस्तृत जानकारी मांगी गयी है।

जस्टिस यादव ने विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में कहा था

जस्टिस शेखर कुमार यादव ने प्रयागराज में विहिप के कार्यक्रम में कहा था कि मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि यह देश हिंदुस्तान में रहने वाले बहुसंख्यक लोगों की इच्छा के अनुसार चलेगा।

यह कानून है, कानून, यकीनन बहुसंख्यकों के मुताबिक काम करता है। इसे परिवार या समाज के संदर्भ में देखें, केवल वही स्वीकार किया जाएगा, जो बहुसंख्यकों के कल्याण और खुशी के लिए फायदेमंद हो।

बता दें कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता (UCC) पर बोलते हुए यह बयान दिया था। कार्यक्रम में हाईकोर्ट के एक अन्य न्यायाधीश जस्टिस दिनेश पाठक भी मौजूद थे।

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