Thailand floods:
बैंकाक, एजेंसियां। दक्षिणी थाईलैंड में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या 180 हो गई है। सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए इसे दक्षिणी क्षेत्र में अब तक की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया है।
सोंगखला में तबाही का मंजर, 110 लोगों की मौतः
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सोंगखला प्रांत में देखने को मिला है, जहां 130 लोगों की मौत हुई है। स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई गांवों और कस्बों में घर बह गए हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली-पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है।
हाट याई बना जलमग्न शहरः
दक्षिणी थाईलैंड का प्रमुख कमर्शियल हब हाट याई, जो मलेशियाई सीमा के पास स्थित है, पानी में पूरी तरह डूब चुका है। शहर की सड़कें नदियों में बदल गई हैं। दुकानों, घरों और मार्केट एरिया में कई फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों को अपने घरों से निकलकर ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेनी पड़ी है।
छतों से लोगों को किया जा रहा रेस्क्यूः
बाढ़ का पानी खतरे के स्तर से ऊपर पहुंचने पर कई लोग अपने घरों की छतों पर फंस गए थे। सेना, नेवी और स्थानीय प्रशासन की रेस्क्यू टीमें लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं और नावों व हेलीकॉप्टर की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन कई इलाके अब भी जलमग्न होने के कारण टीमों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
भारी नुकसान, हजारों लोग बेघरः
इस आपदा के कारण हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। कई परिवारों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है। फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई सड़कें भी कट गई हैं, जिससे प्रभावित जिलों का संपर्क अन्य शहरों से टूट गया है।
सरकार ने जारी किया अलर्टः
थाई सरकार ने दक्षिणी प्रांतों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और खराब होने का अंदेशा है।

