नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में आम चुनावों के दौरान आतंकी और तस्कर कुछ और फिराक में हैं। सूचना है कि इस दौरान देश में बड़े पैमाने पर घुसपैठ और गड़बड़ी फैलाये जाने की आशंका है।
पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश बॉर्डर समेत अन्य सीमांत इलाकों से आतंकी और तस्कर भारत में घुसपैठ करने की ताक में हैं।
तस्कर देश में लोकसभा चुनावों में उलझी बॉर्डर फोर्स की कमी का फायदा उठाकर सोने, ड्रग्स और अन्य तरह की स्मगलिंग को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं आतंकी संगठन भी घुसपैठ कर गड़बड़ी फैलाने की फिराक में हैं।
पिछले दिनों यूपी एटीएस ने भारत-नेपाल बॉर्डर से मोहम्मद अलताफ, मोहम्मद सैयद और नासिर अली नाम के तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
दावा किया जा रहा है कि इन्होंने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से ट्रेनिंग ली थी। तीनों लोकसभा और नवरात्रों के दौरान आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए नेपाल के रास्ते भारत में घुस रहे थे।
सभी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से समर्थन मिल रहा था। इसी तरह से बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ का आठ से दस तस्करों से सामना हुआ। जिसमें तस्करों ने बीएसएफ जवान पर तलवारों से हमला करने की कोशिश की थी।
जवान ने बचाव में फायरिंग की थी और शैफुल नाम का एक तस्कर मारा गया था। इसकी अगली रात बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ ने 176 विदेशी लव बर्डस और तोतों को बांग्लादेश ले जाने से रोका था। हालांकि अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए।
इसकी अगली रात बांग्लादेश बॉर्डर पर ही सोशडांगा झील में तैरते हुए भारत की तरफ से बांग्लादेश जाने की कोशिश करते पांच संदिग्ध लोगों को देखा गया।
बीएसएफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन सभी फरार हो गए। वहां 17 प्लास्टिक बैग मिले। तलाशी लेने पर उनमें 294 कफ सिरप, 60 मछली और अन्य सामान मिले।
इसी तरह से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए जवानों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
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