टेलीकॉम टैरिफ बढ़ोतरी: सरकार की सफाई, TRAI के पाले में जिम्मेदारी [Telecom tariff hike: Government’s clarification, responsibility lies with TRAI]

2 Min Read

नई दिल्ली, एजेंसियां। हाल ही में जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स के टैरिफ में 11-25% तक बढ़ोतरी की। बेसिक प्लान्स, जो सिम एक्टिव रखने के लिए जरूरी होते हैं, भी महंगे हो गए। इससे लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

सूचना एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि टैरिफ तय करना पूरी तरह से TRAI के अधिकार क्षेत्र में आता है। 2004 की नीति के तहत टेलीकॉम कंपनियां प्रतिस्पर्धा और मांग को ध्यान में रखकर कीमतें तय कर सकती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में डेटा और कॉल दरें वैश्विक स्तर पर सबसे सस्ती हैं। भारत में 1 जीबी डेटा की औसत कीमत $0.20 है, जबकि अमेरिका में यह $6 है।

TRAI को सात दिनों के भीतर बदलाव करने का अधिकार है। फिलहाल, TRAI इस बात पर विचार कर रहा है कि ग्राहकों को किफायती प्रीपेड प्लान्स उपलब्ध कराए जाएं, जो केवल कॉलिंग और SMS की सुविधा दें।

टैरिफ बढ़ोतरी के बाद जियो जैसे प्राइवेट ऑपरेटर्स के यूजर बेस में गिरावट देखी गई, जबकि BSNL के ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ। प्रतिस्पर्धा के चलते टेलीकॉम कंपनियां जल्द ही नए फैसले ले सकती हैं।

इसे भी पढ़ें

भारत में टेलीकॉम के क्षेत्र में बेहतरी के लिए साथ आए 12 प्रमुख ऑपरेटर्स, जियो और एयरटेल शामिल

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं