नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने जेल में बंद बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप की एक याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया जिसके खिलाफ तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों पर हमले के आरोप वाले फर्जी वीडियो कथित रूप से जारी करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला ने कश्यप को रासुका लगाये जाने के फैसले को किसी उचित न्यायिक मंच पर चुनौती देने की स्वतंत्रता दे दी। न्यायालय ने कश्यप के खिलाफ सभी 19 प्राथमिकियों को मिलाने और उन्हें बिहार हस्तांतरित करने का अनुरोध करने वाली याचिका को भी खारिज कर दिया।







