मुंबई, एजेंसियां। देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 2.95 अरब डॉलर बढ़कर 645.58 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
RBI ने जानकारी देते हुए बताया कि यह लगातार छठा सप्ताह है, जब फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बढ़ा है।
इससे एक सप्ताह पहले देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 14 करोड़ डॉलर बढ़कर 642.63 अरब डॉलर हो गया था। इससे पहले देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व सितंबर 2021 में 642.45 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंचा था।
वैश्विक गतिविधियों के कारण उत्पन्न दबावों के बीच केंद्रीय बैंक ने रुपए की गिरावट को थामने के लिए फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल किया, जिससे फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में थोड़ी कमी आई थी।
RBI हर सप्ताह फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व और गोल्ड रिजर्व का डेटा जारी करता है।
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, बीते सप्ताह फॉरेन करेंसी एसेट्स 2.35 अरब डॉलर बढ़कर 570.618 अरब डॉलर पर पहुंच गए। फॉरेन करेंसी एसेट्स, फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का अहम हिस्सा होते हैं।
डॉलर में एक्सप्रेस किए जाने वाले फॉरेन करेंसी एसेट्स में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
RBI ने कहा कि रिव्यू वीक के दौरान गोल्ड रिजर्व 67.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 52.16 अरब डॉलर हो गया। इस बीच स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) 7.3 करोड़ डॉलर घटकर 18.145 अरब डॉलर रह गए।
रिजर्व बैंक के मुताबिक, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF के पास भारत की रिजर्व डिपॉजिट भी 20 लाख डॉलर घटकर 4.66 अरब डॉलर रह गया।
रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के 6.5% पर बरकरार रखे जाने से इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे मजबूत होकर 83.31 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में इसने 83.26 प्रति डॉलर का उच्च स्तर और 83.45 प्रति डॉलर का निचला स्तर छुआ था।
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