Sheikh Hasina:
नई दिल्ली, एजेंसियां। बांग्लादेश में अगले आम चुनाव होने वाले हैं, लेकिन शेख हसीना, जो कि आवामी लीग पार्टी की प्रमुख हैं, की वापसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दिसंबर 2024 में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और फिलहाल मोहम्मद यूनुस की अगुआई में एक अंतरिम सरकार कार्यभार संभाल रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शेख हसीना भारत में रहते हुए बांग्लादेश के चुनाव में हिस्सा ले सकती हैं?
Sheikh Hasina: क्या शेख हसीना चुनाव लड़ सकती हैं?
नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर शेख हसीना की पार्टी, आवामी लीग, पर बांग्लादेश में बैन नहीं लगाया गया है, तो वह चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, शेख हसीना के चुनाव लड़ने को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बन पाई है क्योंकि पार्टी की स्थिति अभी भी अनिश्चित है। अगर वह बांग्लादेश वापस जाती हैं तो उनके ऊपर कई कानूनी और राजनीतिक संकट खड़े हो सकते हैं।
Sheikh Hasina: क्या होगा अगर शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं?
अंतरिम सरकार के अनुसार, शेख हसीना को छात्रों के प्रदर्शन और उनकी मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। अगर शेख हसीना बांग्लादेश जाती हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और जेल की सजा हो सकती है। बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना की पार्टी और उनकी खुद की स्थिति काफी जटिल हो गई है।
Sheikh Hasina: पार्टी की भूमिका और चुनावी स्थिति
पिछले साल जून-जुलाई में बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना बांग्लादेश से भाग गई थीं, और अब तक चुनावों की तारीखों को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने चुनाव की तारीखें 2025 के अंत या फिर 2026 की शुरुआत में तय करने का ऐलान किया था। ऐसे में शेख हसीना की पार्टी की स्थिति और उनकी खुद की राजनीतिक संभावनाओं के बारे में अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।
Sheikh Hasina: बांग्लादेश में शेख हसीना के चुनावी संकट
शेख हसीना की पार्टी का बांग्लादेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनका चुनाव लड़ना मुश्किल हो सकता है।
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