संभल हिंसा जांच: सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सुहेल इकबाल से पूछताछ [Sambhal violence investigation: MP Ziaur Rahman Barq and MLA’s son Suhail Iqbal questioned]

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Sambhal violence investigation:

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा की जांच में नया मोड़ आया है। न्यायिक जांच आयोग ने अब सियासी चेहरों से भी जवाब-तलब करना शुरू कर दिया है। आयोग ने संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे सुहेल इकबाल को पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों को नोटिस भेजकर पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।

संभल में हाल ही में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने प्रदेश भर में चिंता बढ़ा दी थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था, जो घटना की तह तक जाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने का काम कर रहा है।

Sambhal violence investigation: सांसद जियाउर्रहमान बर्क विवादित बयान

सांसद जियाउर्रहमान बर्क पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। माना जा रहा है कि हिंसा के समय उनकी मौजूदगी या बयान की भूमिका की जांच की जा रही है। वहीं, विधायक के बेटे सुहेल इकबाल पर भी हिंसा भड़काने या उससे जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों से संबंध होने के आरोप सामने आए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने कुछ वीडियो फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर इन दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच आयोग का मानना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू की जांच जरूरी है, चाहे वह किसी भी पद या पहचान से जुड़ा क्यों न हो।

Sambhal violence investigation: क्या है मामला?

गौरतलब है कि संभल में बीते साल नवंबर 2024 में धार्मिक स्थल का सर्वे को लेकर तनाव हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। पुलिस पर पथराव, आगजनी और सड़कों पर उपद्रव जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद भारी पुलिस बल की तैनाती कर हालात पर काबू पाया गया था।

प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। अब जब न्यायिक आयोग ने राजनीतिक चेहरों को तलब करना शुरू किया है, तो माना जा रहा है कि जांच में बड़ा खुलासा हो सकता है।

फिलहाल, सबकी नजर इस पर टिकी है कि पूछताछ में क्या निकलकर सामने आता है और क्या इसमें किसी साजिश का पर्दाफाश होता है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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