लगातार 11वीं बार रेपो रेट 6.50% पर बरकरार, RBI ने घटाया GDP अनुमान [Repo rate remains at 6.50% for the 11th consecutive time, RBI reduces GDP estimates]

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मुंबई, एजेंसियांभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) की बैठक आज 6 दिसंबर को समाप्त हो गयी। जो 4 दिसंबर से शुरू हुई थी। बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 4-2 के बहुमत से मॉनेटरी पॉलिसी रेट नहीं बदलने का निर्णय लिया है।

उन्होंने लगातार 11वीं बार रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में होम और कार लोन की ईएमआई में कोई कमी नहीं आयेगी। आरबीआई ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट में बदलाव किया था।

बीते 25 साल में यह दूसरी बार है, जब सेंट्रल बैंक ने इतने लंबे समय तक रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा है. मई 2022 से लेकर फरवरी 2023 तक​ रिजर्व बैंक ने महंगाई को कंट्रोल करने के लिए रेपो रेट में 2.50 फीसदी का इजाफा किया था।

जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 7 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी किया

आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को कमकर 6.6 फीसदी कर दिया है। जो पहले 7 फीसदी था। यह लगातार दूसरी बार है, जब आरबीआई ने अपनी जीडीपी अनुमान को कम कम किया है। अक्टूबर में भी आरबीआई एमपीसी ने जीडीपी के अनुमान को 7.2 फीसदी से कम कर 7 फीसदी कर दिया था।

आरबीआई एमपीसी ने महंगाई के मोर्चे पर भी बड़ा झटका दिया है। शक्तिकांत दास ने तीसरी तिमाही के महंगाई अनुमान को 4.8 फीसदी से बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया है। वहीं चौथी तिमाही के अनुमान को 4.2 फीसदी से बढ़ाकर 4.5 फीसदी किया गया है।

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही महंगाई अनुमान को 4.3 फीसदी से बढ़ाकर 4.6 फीसदी किया है। जबकि दूसरे वित्त वर्ष में देश में महंगाई दर 4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। मौजूदा वित्त वर्ष की महंगाई दर का अनुमान 4.5 फीसदी था, जिसे बढ़ाकर अब 4.8 फीसदी कर दिया गया है।

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