जल्द लागू होगी GRAP- 2 की पाबंदियां
नई दिल्ली, एजेंसियां। बढ़ते प्रदूषण से दिल्ली की हालत दिन बा दिन और खराब होते जा रही है। दिल्ली के 15 इलाके पहले ही रेड जोन में पहुंच चुके हैं। एनसीआर के शहरों का भी यही हाल है।
लिहाजा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के दूसरे चरण की पाबंदिया भी जल्द ही लागू हो सकती हैं। दिल्ली का समग्र एक्यूआई 300 पार होते ही यह पाबंदियां लग जाएंगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार अगले तीन दिन तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार होने के आसार भी नहीं हैं।
दिल्ली का एक्यूआई ने 292 रिकॉर्ड किया गया
सीपीसीबी द्वारा जारी एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का एक्यूआई 292 रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले यह 285 रहा था। यानी 24 घंटे के भीतर इसमें सात अंकों का इजाफा हो गया।
दिल्ली के विभिन्न 15 इलाकों का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में रहा। बुधवार को आनंद विहार का एक्यूआई 439, बृहस्पतिवार को 419 यानी गंभीर श्रेणी में जबकि शुक्रवार को 353 अर्थात बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली के प्रदूषण में अभी भी वाहनों, फैक्ट्रियों का धुआं, धूल प्रदूषण जैसे स्थानीय कारण ही अधिक जिम्मेदार बने हुए है।
हालांकि पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली का धुआं भी दिल्ली में प्रदूषण के लिए काफी जिम्मेदार होता है, लेकिन इस साल अभी तक दिल्ली के प्रदूषण में इस धुएं की भागीदारी बहुत अधिक नहीं हुई है।
आज और कल बढ़ सकता प्रदूषण का स्तर
पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को प्रदूषण का स्तर खराब रहेगा। लेकिन रविवार को प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहेगा। अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से खराब रह सकता है।
मौसम इस समय बिगड़ रहा है और प्रदूषक तत्वों को बहाने में सहयोग नहीं कर रहा है। ऐसे में पराली और कूड़े में आग की घटनाएं भी स्थिति को और अधिक बिगड़ सकती हैं। शनिवार को हवा की रफ्तार छह से 10 किमी प्रति घंटे और रविवार को छह से आठ कि मी प्रति घंटे तक रह सकती है।
ग्रेप के दूसरे चरण में लगेंगी यह पाबंदियां
- निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए बढाई जाएगी पार्किंग फीस
- बढ़ाई जाएगी सीएनजी-इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवा।
- आरडब्ल्यूए अपने सिक्योरिटी गार्ड को देंगी हीटर ताकि वे गर्माहट के लिए कूड़ा, लकड़ी या कोयला न जलाएं।
- डीजल जेनरेटर पर रोक रहेगी, नैचुरल गैस, बायो गैस, एलपीजी से चलने वाले जेनरेटर चल सकेंगे।
- 800 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर तभी चल सकेंगे जब वह रेट्रोफिटिंग करवाएंगे।
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