नई दिल्ली: धूम्रपान कितना हानिकारक है यह तो सभी जानते हैं। इसके बावजूद भी बहुत से लोग धूम्रपान करते हैं।
कुछ समय बाद व्यक्ति को सिगरेट और बीड़ी की लत लग जाती है। फिर वे यह भूल जाते हैं कि इससे कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह आदि बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
यही कारण है कि धूम्रपान से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से हर साल 13 मार्च को नो स्मोकिंग डे मनाया जाता है।
इस मौके पर लोगों को धूम्रपान की आदत छोड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। हर साल सिगरेट व धूम्रपान के सेवन को रोकने के उद्देश्य से नो स्मोकिंग डे एक खास विषय पर आधारित मनाया जाता है।
इस साल नो स्मोकिंग डे 2024 की थीम, ‘बच्चों को तंबाकू प्रोडक्ट्स से बचाना’ है।
सिगरेट के सेवन से फेफड़ों पर सबसे तेजी से असर होता है। सिगरेट फेफड़े को खराब कर देती है। इसे फेफड़ों के कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
यानी की स्मोकिंग करने से कैंसर होने का खतरा सबसे अधिक होता है। सिगरेट में कई केमिकल होते हैं जिससे कैंसर होने का चांस बढ़ जाती है।
धूम्रपान करने से हृदय रोग और स्ट्रोक आदि से मरने की संभावना भी बढ़ती है। इसके अलावा कई प्रकार के हृदय रोगों का खतरा दोगुना हो जाता है।
इतना ही नहीं स्मोकिंग से अस्थमा के दौरे ट्रिगर हो सकते हैं। साथ ही क्रोनिक ब्रोंकाइटिस के बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए स्मोकिंग से छुटकारा पाना बहुत जरूरी हो जाता है।
चूंकि धूम्रपान की लत लगने के बाद उस आदत से छुटकारा पाना इतना आसान नहीं होता है, इसलिए अगर आप धूम्रपान छोड़ने का मन बना रहे हैं तो सबसे पहले आपको उन चीजों से भी दूरी बना लेनी चाहिए जो आपको उसकी याद दिलाते हैं।
सिगरेट के साथ-साथ ऐशट्रे, लाइटर, ऐसी सभी छोटी-छोटी चीजों से दूरी बना लें। अपनी अलमारी, ड्रॉयर, बैग और दूसरी जगहों से इन्हें हटा दें। इस तरह की तस्वीरों को भी हटा दें जो आपको इनकी याद दिलाती है।
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