इस राह पर बढ़ गये हैं नीतीश के पुत्र [Nitish’s sons have moved on this path]

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भजन सुनने के लिए स्पीकर खरीदने बाजार पहुंचे थे सीएम के पुत्र

पटना, एजेंसियां। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते पुत्र निशांत एकबार फिर से सुर्खियों में हैं।

दरअसल, सीएम नीतीश के बेटे निशांत पटना की एक दुकान पहुंचे थे जहां उन्हें कुछ सामान खरीदना था। इस दौरान मीडियाकर्मियों की नजर जब उनपर पड़ी तो सवालों की झड़ी लगा दी।

निशांत ने बताया कि वो भजन सुनने के लिए स्पीकर खरीदने आये हैं। राजनीति में एंट्री के सवाल पर कहा कि उन्हें ईश्वर से प्रेम है और उसी में लीन रहना चाहते हैं।

सीएम नीतीश कुमार के पुत्र निशांत ने राजनीति में एंट्री की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया।

हरे कृष्ण हरे राम है प्रिय भजन

निशांत ने बताया कि वो आध्यात्मिक काम के लिए ही बाजार आए हैं। हरे कृष्ण हरे राम वाला भजन वो सुनते हैं। इसके लिए स्पीकर खरीदने यहां आए थे।

क्या राजनीति के मैदान में उतरेंगे निशांत? दिया जवाब…

नीतीश कुमार के पुत्र निशांत से जब सवाल हुआ कि ऐसी चर्चा है कि निशांत राजनीति में एंट्री लेंगे तो इसका जवाब भी उन्होंने दिया।

सीएम नीतीश के बेटे ने कहा कि वो आध्यात्म के रास्ते पर चल चुके हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच निशांत वहां से निकल गए। तारामंडल के पास स्थित बाजार में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की दुकान से उन्होंने खरीदारी की।

जब सुर्खियों में रहा था निशांत का नाम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत राजनीति से खुद को दूर ही रखते नजर आए हैं। परिवारवाद की राजनीति पर खुद नीतीश कुमार ही लगातार प्रहार करते दिखे हैं।

हालांकि पिछले दिनों जब लोकसभा चुनाव का परिणाम आने वाला था अचानक निशांत का नाम सुर्खियों में आग गया। दरअसल, जदयू के वरिष्ठ नेता ने बयान दिया था कि समय और परिस्थिति की मांग है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को पार्टी और राज्य हित में आगे आना चाहिए।

किसी ईमानदार और साफ-सुथरे नेता का सुपुत्र अगर ईमानदारी से देश की सेवा करना चाहे या राज्य का सेवा करना चाहे तो उसे राजनीति में उतरने में कोई दिक्कत नहीं है।

जदयू की वर्तमान सांसद लवली आनंद ने भी तब इसका समर्थन किया था। हालांकि कुछ दिनों तक यह मुद्दा चर्चे में रहा और उसके बाद अटकलों का बाजार बंद हो गया।

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