NCW public hearing initiative:
नई दिल्ली, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले National Commission for Women (NCW) ने देशभर की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इस पहल के तहत भारत के लगभग 500 जिलों में महिला जन सुनवाई (Women’s Public Hearing) आयोजित की जाएगी, ताकि महिलाओं की शिकायतों को सीधे सुना जा सके और उनका त्वरित समाधान किया जा सके।
NCW की चेयरपर्सन Vijaya Rahatkar ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को न्याय और संस्थागत सहायता तक आसान पहुंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आयोग चाहता है कि हर महिला चाहे वह किसी भी क्षेत्र में रहती हो उसे अपनी समस्याओं को सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिले।
‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत पहल
यह अभियान NCW के विशेष आउटरीच कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ के अंतर्गत चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों को जमीनी स्तर पर सुनना और मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू करना है।विजया रहाटकर ने कहा कि आयोग महिलाओं की आवाज को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। महिला जन सुनवाई के माध्यम से महिलाओं को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिलेगा।
देश के 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजन
यह पहल लगभग 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 500 जिलों में आयोजित की जाएगी। यह सुनवाई कार्यक्रम करीब एक सप्ताह से दस दिन तक चल सकता है।विशेष रूप से Uttar Pradesh में 75 जिलों में महिला जन सुनवाई आयोजित की जाएगी। वहीं Manipur के पांच जिलों में भी इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके अलावा कई अन्य राज्यों में भी निर्धारित तारीखों के अनुसार सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
खाली पद वाले राज्यों में NCW खुद करेगी सुनवाई
कुछ राज्यों में महिला आयोग के अध्यक्ष पद खाली हैं। ऐसे राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड में NCW की चेयरपर्सन और आयोग की टीम स्वयं जाकर महिलाओं की शिकायतें सुनेंगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन राज्यों की महिलाओं को भी शिकायत निवारण की सुविधा मिले।
15 हजार शिकायतों के समाधान का लक्ष्य
इस अभियान के तहत आयोग करीब 15,000 शिकायतों के समाधान का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसमें पहले से दर्ज मामलों के साथ-साथ मौके पर मिलने वाली नई शिकायतें भी शामिल होंगी।चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नीतियों या भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि महिलाओं को न्याय और अवसर तक वास्तविक पहुंच मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला जन सुनवाई कार्यक्रम इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे देशभर की महिलाओं को सुना जाएगा, सुरक्षित महसूस कराया जाएगा और उन्हें सशक्त बनाया जाएगा।







