नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष से 100 वर्ष के सफर ‘अमृतकाल’ की तुलना आजादी मिलने के पहले के 25 सालों से की और देशवासियों का आह्वान किया कि जिस प्रकार उस दौर में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से हर देशवासी जुड़ गया था, उसी प्रकार अगले 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक भारतवासी को जी-जान से जुटना ही होगा।
नए संसद भवन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीय नागरिकों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब करार दिया और कहा कि यह इमारत समय की मांग थी और इसके कण-कण से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दर्शन होते हैं।







