ll वैदिक पंचांग ll 16 नवम्बर 2024 [Vedic Panchang 16 November 2024]

2 Min Read

दिनांक – 16 नवम्बर 2024

दिन – शनिवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत ॠतु
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण
तिथि – प्रतिपदा रात्रि 11:50 तक तत्पश्चात द्वितीया
नक्षत्र – कृत्तिका शाम 07:28 तक तत्पश्चात रोहिणी
योग – परिघ रात्रि 11:48 तक तत्पश्चात शिव
राहुकाल – सुबह 09:37 से सुबह 11:00 बजे तक
सूर्योदय 06:05
सूर्यास्त – 5:45
दिशाशूल – पूर्व दिशा में

व्रत पर्व विवरण – विष्णुपदी-वृश्चिक संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से सुबह 07:41 तक
विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)

शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)
हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है।

इसे भी पढ़ें

ll वैदिक पंचांग ll 15 नवम्बर 2024 [Vedic Panchang 15 November 2024]

Share This Article
Exit mobile version