⛅ दिन – मंगलवार
⛅विक्रम संवत् – 2082
⛅अयन – उत्तरायण⛅ऋतु – बसन्त
⛅मास – चैत्र
⛅पक्ष – शुक्ल
⛅तिथि – चतुर्थी रात्रि 02:32 अप्रैल 02 तक तत्पश्चात् पञ्चमी
⛅नक्षत्र – भरणी सुबह 11:06 तक तत्पश्चात् कृत्तिका
⛅योग – विष्कम्भ सुबह 09:48 तक, तत्पश्चात् प्रीति सुबह 06:07 अप्रैल 02 तक, तत्पश्चात् आयुष्मान
⛅राहुकाल – दोपहर 03:49 से शाम 05:22 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)
⛅सूर्योदय – 06:32
⛅सूर्यास्त – 06:55 ( सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार)
⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में
⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:59 से प्रातः 05:46 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)
⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:19 से दोपहर 01:08 तक
⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:20 अप्रैल 02 से रात्रि 01:06 अप्रैल 02 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)
⛅व्रत पर्व विवरण – मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से रात्रि 02:32 तक), विनायक चतुर्थी, सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 11:06 से सुबह 06:31 अप्रैल 02 तक)
⛅विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
कर्ज-निवारण व धन-वृद्धि हेतु रखें इन बातों का विशेष ध्यान
झाडू को कभी पैर न लगायें ।
भोजन बनाने के बाद तवा, कढ़ाई या अन्य बर्तन चूल्हे से उतारकर नीचे रखें ।
घर के दरवाजे को कभी भी पैर से ठोकर मार के न खोलें ।
देहली (दहलीज) पर बैठकर कभी भोजन न करें ।
सुबह शाम की पहली रोटी गाय के लिए बनायें व समय-अनुकूलता अनुसार खिला दें ।
घर के बड़ों को प्रणाम करें । उनके आशीर्वाद से घर में बरकत आती है ।
रसोईघर में जूठे बर्तन कभी भी नहीं रखें तथा रात्रि में जूठे बर्तन साफ करके ही रखें ।
घर में गलत जगह शौचालय बन गया हो तो शौचालय में नमक रखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव दूर होता है । नमक को शौचालय के अलावा कहीं भी खुला न रखें । इससे धन-नाश होता है ।
घर की नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) दूर करने के लिए हफ्ते में एक बार नमक मिले पानी से पोंछा लगायें ।
घर में जितनी भी घड़ियाँ हों उन्हें चालू रखें, बंद होने पर तुरंत ठीक करायें, धनागम अच्छा होगा ।
घर की छत पर टूटी कुर्सियाँ, बंद घड़ियाँ, गत्ते के खाली डिब्बे, बोतलें, मूर्तियाँ या कबाड़ नहीं रखना चाहिए ।
घर में जाला या काई न लगने दें ।
घर की दीवारों व फर्श पर पेंसिल, चाक आदि के निशान होने से कर्ज चढ़ता है । निशान हों तो मिटा दें ।
बाधाओं से सुरक्षा हेतु हल्दी व चावल पीसकर उसके घोल से या केवल हल्दी से घर के प्रवेश द्वार पर ॐ बना दें ।
प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय के पूर्व उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें । असत्य वचन न बोलें । पूजाघर में दीपक व गौ-चंदन धूपबत्ती जलायें । हो सके तो ताजे पुष्प चढ़ायें और तुलसी या रुद्राक्ष की माला से अपने गुरुमंत्र का कम से कम १००० बार (१० माला) जप करें । जिन्होंने मंत्रदीक्षा नहीं ली हो वे जो भी भगवन्नाम प्रिय लगता हो उसका जप करें ।
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