दिनांक – 15 मार्च 2024
दिन – शुक्रवार
विक्रम संवत – 2080
शक संवत -1945
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – फाल्गुन
पक्ष – शुक्ल
तिथि – षष्ठी रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात सप्तमी
नक्षत्र – कृत्तिका शाम 04:08 तक तत्पश्चात रोहिणी
योग – विष्कंभ शाम 07:46 तक तत्पश्चात प्रीति
राहुकाल – सुबह 11:17 से दोपहर 12:48 तक
सूर्योदय-06:04
सूर्यास्त- 05:47
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण –
विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
इस दिन लग रहे है होलाष्टक भूलकर भी यह कार्य नही करे मिलेगी असफलता
होलाष्टक विशेषः
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा यानी होली के दिन तक का काल “होलाष्टक” कहलाता है |
इन दिनों में शादी, ब्याह, सगाई आदि के काम नहीं किये जाते, लेकिन अगर जप-तप करते हैं तो बहुत फायदा होता है। चमत्कारिक फायदा होता है।
विशेष ~ 16 मार्च 2024 शनिवार से होलाष्टक प्रारंभ।
राजमा से सावधान
ये मौसम गर्मी का है इन गर्मी की मौसम में राजमा खाने वालें सावधान। इस सीजन में राजमा जल्दी पचता नही फिर गोंड़ों का और जोंड़ों का दर्द अदि करता है।
कर्जे के भार से बचें
उबटन वाला स्नान यानी सात चीजों का उबटन लगा के नहाओ सात चीजें हैं :
१ गेहूँ
२ चावल ( जो ज्वार खाते हों वो ज्वार और जो चावल खाते हों वो चावल ले सकते हैं )
३ मूँग
४ चना
५ उड़द
६ जौं
७ तिल
कर्जे के भार से छुड़ाने में बड़ा काम करेगा |इस का समान भाग मिश्रण बना लें उसको चक्की में पिसवाकर उस पाउडर का घोल बनाकर उससे नहाऐं पहले ललाट पर (भस्म की तरह बीच की तीन उँगलियों से लगायें) लगायें ।
आधा-एक मिनट “ॐ नमः शिवाय ” बोलें इससे पाप नाशिनी ऊर्जा पैदा होगी और स्वास्थ्य में कितने लाभ होगें बता नहीं सकते, साबुन लगाने से डिप्रेशन होता है, शरीर के रोम-कूप पर बुरा असर पड़ता है।
सप्त धान उबटन का स्नान रोज करो। बहुत मदद मिलेगी …. गृह पीड़ा दूर होगी बहुत फायदा होगा।
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