चंडीगढ़, एजेंसियां। हरियाणा में लोकसभा चुनाव लड़ने पर पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अगर पार्टी ने टिकट दिया तो मैं नहीं दीपेंद्र हुड्डा चुनाव लड़ेंगे।
कहा कि अगर दीपेंद्र को टिकट नहीं मिलता है तो अलग बात है। फिर वह स्वयं चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे।
हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए उन्होंने स्वयं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है।
बता दें कि चुनाव लड़ने को लेकर भूपेंद्र राजनीतिक दलों के निशाने पर थे। 2019 में दीपेंद्र हुड्डा रोहतक से और भूपेंद्र हुड्डा सोनीपत से लोकसभा का चुनाव लड़ा था।
दोनों सीटों पर पिता-पुत्रों की हार हो गई थी। इस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह सोनीपत से लोकसभा चुनाव लड़ने की बजाए केवल दीपेंद्र रोहतक से चुनाव लड़ते तो जीत निश्चित थी।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कार्यकर्ता सोनीपत और रोहतक दोनों जगह काम करने में जुट गए हैं।
वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चुनाव न लड़ने के फैसले पर रणजीत ने दावा किया कि कांग्रेस के बड़े नेता हार के डर से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
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