नयी दिल्ली, एजेंसियां : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को यहां की एक अदालत के समक्ष एक याचिका दायर करके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की 15 दिनों की न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया।
केजरीवाल को कथित दिल्ली आबकारी नीति ‘घोटाला’ मामले में गिरफ्तार किया गया है।
ईडी ने कहा कि केजरीवाल एजेंसी को गुमराह कर रहे थे। ईडी ने कहा कि वह अब भी मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच कर रही है, अपराध की आय का पता लगा रही है और अपराध की आय से संबंधित गतिविधियों में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर रही है।
ईडी ने न्यायिक हिरासत के अनुरोध वाली अपनी याचिका में कहा कि हिरासत में पूछताछ के दौरान केजरीवाल सवालों के गोलमोल जवाब देते नजर आये और जानकारी छिपायी।
उसने कहा कि नौ दिनों की अवधि में मुख्यमंत्री के बयान लिए गए और विभिन्न गवाहों, सरकारी गवाहों और अन्य सह-आरोपियों के बयानों से उनका सामना कराया गया।
याचिका में केजरीवाल द्वारा ‘सवालों के गोलमोल जवाब देने के कुछ उदाहरण’ सूचीबद्ध किए गए।
इसमें कहा गया, ”उन्होंने (केजरीवाल ने) कहा कि विजय नायर उन्हें नहीं बल्कि आतिशी मार्लेना और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और नायर के साथ उनकी बातचीत सीमित थी।”
याचिका में कहा गया कि हालांकि, नायर के बयानों से पता चला है कि वह एक कैबिनेट मंत्री के बंगले में रहता था और मुख्यमंत्री के शिविर कार्यालय से काम करता था।
इसमें कहा गया, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति (केजरीवाल) को यह समझाने के लिए भी कहा गया था कि जो व्यक्ति आप के अन्य नेताओं को रिपोर्ट करता था, वह उनके शिविर कार्यालय से काम क्यों करेगा, जो दिल्ली के मुख्यमंत्री के काम के लिए है, न कि पार्टी के लिये।
केजरीवाल ने यह दावा करते हुए जवाब टाल दिया कि मुख्यमंत्री शिविर कार्यालय में काम करने वाले व्यक्तियों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।’’
याचिका में रेखांकित किया गया कि नायर पार्टी में कोई छोटा-मोटा कार्यकर्ता नहीं, बल्कि मीडिया और संचार का प्रमुख था।
इसमें कहा गया, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति (केजरीवाल) ने दिखाये गए डिजिटल सबूतों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाकर उनसे पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।
गिरफ्तार व्यक्ति ने अपने डिजिटल उपकरणों के पासवर्ड भी नहीं बताए जो साक्ष्य संग्रह को बाधित करता है और उनके द्वारा सहयोग नहीं करने को भी दर्शाता है।’
याचिका में कहा गया है कि केजरीवाल को शराब कारोबारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और यहां तक कि दिनेश अरोड़ा और अभिषेक बोइनपल्ली जैसे बिचौलियों सहित शराब व्यवसाय में शामिल अन्य सह-आरोपियों के साथ नायर की 10 से अधिक बैठकों के सबूत दिखाए गए थे।
इसमें कहा गया है, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति को यह समझाने के लिए कहा गया कि नायर किस अधिकार के साथ इन बैठकों में शामिल हुआ था, गिरफ्तार व्यक्ति ने इन व्यक्तियों के बारे में अनभिज्ञता का दावा करके सवाल टाल दिया और यह स्पष्ट है कि नायर जैसा वरिष्ठ पदाधिकारी जिसने गिरफ्तार व्यक्ति के साथ मिलकर काम किया है, वह पार्टी प्रमुख की मंजूरी और अनुमोदन के बिना खुद इस तरह से कार्य नहीं कर सकता।’’
हिरासत याचिका में कहा गया, ‘ऐसा इसलिए भी क्योंकि इन साजिशों या बैठकों का अंतिम लाभ आप को गोवा चुनाव प्रचार अभियान में मिला।’
इसमें कहा गया है कि केजरीवाल को लगभग 45 करोड़ रुपये के हवाला हस्तांतरण के सबूत दिखाए गए थे, जिसकी पुष्टि सीडीआर लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, गोवा में हवाला फर्म के जब्त किए गए आंकड़े और किए गए भुगतान के सबूत से हुई थी।
याचिका में कहा गया है कि उन्हें उन गवाहों के कई बयान भी दिखाए गए, जिन्होंने गोवा में आप के प्रचार अभियान पर काम किया था और जिन्होंने गोवा में आप के प्रचार अभियान के लिए काम करने वाले चनप्रीत सिंह से नकद प्राप्त किया था।
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