बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है हृदय रोगों का खतरा

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नई दिल्ली,एजेंसियां: हाइपरटेंशन यानी कि बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हमारी सेहत के लिए आज एक बड़े खतरे के रूप में सामने आ रहा है।

स्वस्थ शरीर के लिए ब्लड प्रेशर का सामान्य होना बहुत जरूरी है।

अगर आपका बीपी सामान्य से ज्यादा या कम रहता है, तो सचेत हो जाने की जरूरत है। क्योंकि, हाइपरटेंशन, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज की सबसे प्रमुख वजह है।

आजकल हाइपरटेंशन के मामले में खराब जीवनशैली का रोल सबसे महत्वपूर्ण है। रात में देर तक जागना, सुबह देर तक सोना, न सुबह टहलना, न कोई शारीरिक व्यायाम, सूरज की रोशनी से दूरी, मेहनत से पसीना न निकालना आदि ऐसे बहुत से अन्य कारणों से हमारी जीवनशैली पूरी तरह प्रभावित है।

इसके साथ-साथ लोगों के जीवन में बढ़ता तनाव आदि हाइपरटेंशन की इशारा है। तनाव की वजह से हमारी नींद खराब होती है, जिससे हाइपरटेंशन, डायबिटीज व अन्य दूसरी बीमारियां होने की खतरा बना रहता हैं।

इस तरह से करें बचाव

अगर आपको अपने शरीर को स्वस्थ रखना है तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं और जानें कि आपका ब्लड प्रेशर स्टेटस क्या है।

अगर आप प्री हाइपरटेंशन मरीज की कैटेगरी में आते हैं, तो इससे बचाव के समुचित कदम उठाने जरूरी हैं।

• समुचित जांच, सही सलाह और जीवनशैली में बदलाव से सिस्टोलिक हाइपरटेंशन को नियंत्रित किया जा सकता है।

• युवाओं को भी अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक कराना चाहिए। अगर ब्लड प्रेशर ज्यादा हो तो डॉक्टर को कंसल्ट करें।

• घर के बने संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें। आहार में ज्यादा-से-ज्यादा मौसमी फल-सब्जियों को शामिल करें।

केला, मौसमी, अनार, नारियल का पानी जैसे पोटेशियम रिच फलों का सेवन अधिक करें।

• फास्ट फूड, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, वसायुक्त आहार से परहेज करें। ज्यादा नमक वाली चीजें जैसे- पैकेज्ड फूड, आचार, पापड़, चिप्स, नमकीन, चीज ब्रेड कम खाएं।

यहां तक कि सलाद में नमक डालकर नहीं खाना चाहिए।

• अगर आपका ब्लड प्रेशर काफी समय से 140/90 मिमी एचजी से अधिक हो तो डॉक्टर के परामर्श से नियमित दवाई लें।

• रेगुलर फिजिकल चेकअप कराएं, ताकि ब्लड प्रेशर से शरीर के दूसरे अंगों पर पड़ने वाले प्रभाव की यथासमय जांच भी हो जाय।

• जितना हो सके उतना वजन नियंत्रित रखें। रेगुलर कम-से-कम 45 मिनट फिजिकल एक्टिविटी जैसे- योग या एक्सरसाइज करें। ब्रिस्क वॉक करें. स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन करें।

• अल्कोहल के सेवन और स्मोकिंग से परहेज करें।

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