Hanuman Jayanti:
नई दिल्ली, एजेंसियां। आज, 12 अप्रैल 2025 को हनुमान जयंती मनाई जा रही है, जो कि चैत्र पूर्णिमा के दिन शनिवार को पड़ रही है। इस दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इस खास दिन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जैसे शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और भद्रा का समय।
- Hanuman Jayanti: क्यों है आज का दिन इतना खास ?
- Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त:
- Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पूजा सामग्री:
- Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व:
- Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती व्रत पारण का शुभ मुहूर्त:
- Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर भद्रा का समय:
- Hanuman Jayanti: पूजन विधि:
- Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का भोग:
- महत्व:
- कृपया ध्यान दें:
Hanuman Jayanti: क्यों है आज का दिन इतना खास ?
इस बार हनुमान जयंती पर 57 साल बाद पंचग्रही योग का निर्माण हो रहा है। हस्त नक्षत्र में मीन राशि में सूर्य, शनि, शुक्र, बुध और राहु एक साथ स्थित हैं। पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। आज का दिन भगवान राम के सबसे बड़े भक्त और भगवान शिव के अवतार माने जाने वाले हनुमान जी को समर्पित है।
हनुमान जी की पूजा के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का जाप करें: “मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥”
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त:
उत्तम (शुभ) मुहूर्त: सुबह 07:35 से 09:10 तक
लाभ (उन्नति) मुहूर्त: दोपहर 01:58 से 03:34 तक
अमृत (सर्वोत्तम) मुहूर्त: दोपहर 03:34 से शाम 05:09 तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 से दोपहर 12:48 तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:29 से 05:14 तक
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पूजा सामग्री:
पूजा के लिए हनुमान जी की प्रतिमा, लाल वस्त्र, लाल फूल, चंदन, घी, दीपक, सिंदूर, पान के पत्ते और अन्य सामग्री की आवश्यकता होगी। विशेष रूप से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना एक महत्वपूर्ण पूजन विधि है।
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व:
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और सुख-शांति का मार्ग मिलता है।
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती व्रत पारण का शुभ मुहूर्त:
हनुमान जयंती व्रत का पारण 13 अप्रैल 2025 को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, पारण का समय सुबह 05:58 बजे के बाद होगा।
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर भद्रा का समय:
भद्रा का समय सुबह 06:22 बजे से शाम 04:35 बजे तक रहेगा। भद्रा के समय पूजा नहीं करनी चाहिए।
Hanuman Jayanti: पूजन विधि:
हनुमान जयंती के दिन व्रत रखें और भगवान हनुमान की पूजा विधिपूर्वक करें। पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद भगवान को उनकी प्रिय चीजों का भोग अर्पित करें, जैसे कि बूंदी के लड्डू, इमरती, खीर, फल आदि। पूजा के समय घर में शांति का वातावरण बनाए रखें और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करें।
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का भोग:
हनुमान जी को उनकी प्रिय वस्तुएं, जैसे बूंदी के लड्डू, इमरती, जलेबी, खीर, और पान का बीड़ा अर्पित करें। इन चीजों से हनुमान जी की पूजा की जाती है।
महत्व:
हनुमान जयंती का महत्व इस दिन के साथ जुड़ी पौराणिक कथाओं से है। यह दिन भगवान हनुमान के अवतरण का प्रतीक है, और इस दिन की पूजा से हर प्रकार के संकट का निवारण होता है। खासतौर पर, हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और भक्ति से जीवन में खुशहाली आती है और हर समस्या का समाधान होता है।
कृपया ध्यान दें:
हनुमान जयंती पर भद्राकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भद्रा का समय पूजा के लिए अशुभ माना जाता है।
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