नई दिल्ली, एजेंसियां। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 5.4% रही, जो अपेक्षा से कम है। उन्होंने इसे “अस्थायी झटका” करार देते हुए कहा कि आगामी तिमाहियों में वृद्धि की गति तेज होगी।
अस्थिरता के बावजूद स्थिर विकास
लोकसभा में अनुपूरक अनुदान की मांगों पर बहस के दौरान सीतारमण ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में भारत की औसत GDP वृद्धि दर 8.3% रही है। यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था स्थिर और सतत विकास के मार्ग पर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
विनिर्माण क्षेत्र पर क्या कहा वित्त मंत्री ने?
सीतारमण ने स्पष्ट किया कि विनिर्माण क्षेत्र में कोई व्यापक मंदी नहीं है। इसके लगभग आधे हिस्से में अब भी मजबूत प्रदर्शन देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही में वृद्धि दर 6.7% थी, जबकि दूसरी तिमाही में यह गिरकर 5.4% पर आ गई।
मुद्रास्फीति और बेरोजगारी पर सरकार का नियंत्रण
वित्त मंत्री ने मुद्रास्फीति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अप्रैल-अक्टूबर 2024-25 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति 4.8% रही, जो कोविड महामारी के बाद सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने यूपीए शासनकाल से तुलना करते हुए कहा कि एनडीए सरकार के दौरान मुद्रास्फीति बेहतर नियंत्रण में रही है।
बेरोजगारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2017-18 में यह दर 6% थी, जो अब घटकर 3.2% पर आ गई है।
आर्थिक वृद्धि के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण
सीतारमण ने कहा कि आर्थिक स्थिरता बनी हुई है और अगली तिमाहियों में सुधार की संभावना है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की विकास दर जल्द ही गति पकड़ेगी और नए आर्थिक अवसर उत्पन्न होंगे।
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