किसान आंदोलन: रेल पटरियों पर बैठे किसान, थमे ट्रेनों के पहिये

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नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई हिस्सों में ट्रेनों के पहिये थम गये हैं। जगह-जगह किसान रेल पटरियों पर बैठ कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

बता दें कि किसानों ने 10 मार्च के देशव्यापी रेल चक्का जाम का ऐलान किया था। इसी के तहत आज सुबह से ही किसानों ने रेल रोको अभियान शुरू कर दिया है।

रेल रोको अभियान में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई हैं। इसके कारण जगह-जगह ट्रेनें रूकी पड़ी हैं। रेल सेवा अस्त व्यस्त हो गई है।

इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी में देखने को मिल रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में फंसे यात्री ज्यादा परेशानी उठा रहें है।

हालांकि किसानों की घोषणा में चार घंटे ही रेल रोकने की बात कही गई थी। पर किसान सुबह से ही रेल पटरियों पर जमे हुए हैं।

जबकि किसान नेताओं ने घोषणा की थी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रेलों का चक्का जाम किया जायेगा।

उधर, हरियाणा पुलिस ने लोगों से रेल रोको अभियान में शामिल नहीं होने के लिए कहा है। कहा है कि राज्य में पहले से धारा 144 लगा दी गयी है।

ऐसे में कोई कानून का उल्लंघन करता पकड़ा जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।

देश व्यापी रेल रोको अभियान का असर मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा में देखा जा रहा है।

मिली खबर के मुताबिक आंदोलनकारी किसान पंजाब के बरनाला, मोहाली और मनसा रेलवे स्टेशनों के समीप पटरियों पर बैठे हैं।

इससे इन रूट्स पर चलने वाली ट्रेनों का आवागमन रूक गया है। कई ट्रेनें लेट चल रही हैं। किसान पटरियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

बता दें कि रेल रोको अभियान का सीधा असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ा है। उत्तर प्रदेश से दिल्ली की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें कल से ही देरी से चल रही हैं।

इधर, बड़ी संख्या में किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर जमे हुए हैं। किसान दिल्ली पहुंचने वाली सीमाओं पर भी अलग-अलग स्थानों पर जमा हो रहे हैं।

कहा जा रहा है कि किसान आज रेल रोको अभियान के बाद दिल्ली भी कूच कर सकते हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों का 14 मार्च को महापंचायत करने का कार्यक्रम है।

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