जेएसएससी ऑफिस के सामने अभ्यर्थियों का हंगामा, कहा- पेपर लीक हुआ [Candidates create ruckus in front of JSSC office, say paper leaked]

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72 प्रश्न रिपीट थे, सीजीएल परीक्षा रद्द करें

अध्यक्ष बोले- 30 सितंबर तक हो जाएगी जांच

रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक और प्रश्न रिपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय के सामने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी की।

अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर लीक के पर्याप्त सबूत है। इसके बाद भी जेएसएससी परीक्षा रद्द नहीं कर रहा है। यह अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

छात्रों से की गई बातचीत

इसके बाद पुलिस की मौजूदगी के बीच कुणाल सिंह के नेतृत्व में चेयरमैन और सचिव ने पांच अभ्यर्थियों से बातचीत की।

प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अध्यक्ष को परीक्षा को रद्द करने का अनुरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा। कुणाल सिंह ने बताया कि पेपर लीक और 72 क्वेश्चन रिपीट होने के सबूत सौंप दिया गया।

आयोग ने कहा है कि 30 सितंबर तक आरोपों की जांच करा ली जाएगी। अभ्यर्थियों ने कहा कि गणित में 16 सवाल 2022 में सीजीएल मेंस से, रीजनिंग में 16 सवाल 2019 में जेएसएससी पीटी, कंप्यूटर के 20 प्रश्न 2023 में आईबीपीएस आरआरबी और जनरल नॉलेज के 20 प्रश्न उत्तर प्रदेश पीसीएस की परीक्षा में आए सवाल से हू-बहू पूछे गए हैं।

इसके बाद भी सीजीएल परीक्षा को रद्द नहीं करता है, तो आयोग कार्यालय के समक्ष उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

आरोप- लैंग्वेज पेपर के प्रश्न सिलेबस के बाहर से पूछे गए, इससे परेशानी

अभ्यर्थियों ने कहा कि लैंग्वेज पेपर में पूछे गए सवाल सिलेबस के बाहर से पूछे गए। इस पेपर में यूपीएससी सीसेट के सवाल थे, जो सिलेबस में नहीं था। ऐसे प्रश्न पूछकर वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के परिश्रम पर आयोग ने पानी फेर दिया है।

जेएसएससी ऑफिस के 100 मीटर में निषेधाज्ञा लागू

जेएसएससी कार्यालय के 100 मीटर की परिधि में सदर एसडीओ ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

सदर एसडीओ ने बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत 2 अक्टूबर की रात 10 बजे तक के लिए निषेधाज्ञा लागू की है।

इस दौरान बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा का आयोजन करने पर रोक रहेगी।

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