Mahashivratri 2026:
नई दिल्ली, एजेंसियां। महाशिवरात्रि 2026 का व्रत 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त पूरे दिन और रात भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिवलिंग पर चढ़ाए गए बेलपत्र को खाने से शरीर के कई रोग दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही बेल का उपयोग आयुर्वेद में भी लंबी समय से होता रहा है। बेल के फल, पत्ते और तना अनेक औषधीय गुणों से भरपूर हैं।
बेलपत्र खाने के स्वास्थ्य लाभ
पेट की समस्याओं में राहत
बेलपत्र खाने से पेट संबंधित कई समस्याओं में लाभ मिलता है। बेल के पत्तों का काढ़ा कब्ज दूर करने में मदद करता है और चबाकर खाने से गैस और एसिडिटी की समस्या कम होती है। पत्तों में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में सहायक होता है।
हार्ट को मजबूत बनाता है
बेलपत्र में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हृदय को बीमारियों से बचाते हैं। रोजाना बेलपत्र खाने से दिल की कार्यक्षमता बेहतर रहती है और हृदय स्वास्थ्य मजबूत होता है।
खांसी और सांस की तकलीफ में राहत
बेलपत्र का सेवन खांसी और कफ की समस्या में आराम देता है। यह सांस लेने में आसानी लाता है और शरीर को कफ से राहत दिलाता है।
बालों की सेहत के लिए फायदेमंद
बेल के पत्तों का पाउडर नारियल तेल में मिलाकर सिर पर लगाने से बालों की ग्रोथ बढ़ती है। यह बालों को पोषण देता है और उन्हें मजबूत बनाता है।
चेहरे और त्वचा के लिए लाभकारी
बेल के फल से बने गूदे का फेस पैक त्वचा की सूजन कम करने और फोड़े या पिंपल्स ठीक करने में मदद करता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखते हैं।
बेलपत्र कैसे खाएं
बेलपत्र खाने के कई तरीके हैं। पत्तों को धोकर सीधे चबाया जा सकता है। इसके अलावा, आप बेलपत्र की चाय या काढ़ा बना कर भी पी सकते हैं। कुछ लोग इसे शहद के साथ मिलाकर खाते हैं, जिससे स्वाद भी बढ़ जाता है और स्वास्थ्य लाभ और भी बढ़ते हैं। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ा बेलपत्र खाने की परंपरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शरीर और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसे अपनी डाइट में शामिल करके आप पेट, दिल, बाल और त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
