पटना, एजेंसियां। बिहार में महागठबंधन के घटक दलों के बीच रिश्तों में दरार पड़ती दिख रही है। लालू यादव के दावत-ए-इफ्तार में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा, वीआइपी चीफ मुकेश सहनी भी नदारद दिखे। एनडीए से निकलकर एक ठौर तलाश रहे लोजपा (रामविलास) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस जरूर मौजूद रहे। लालू यादव ने खुद पत्र लिखकर लोगों को दावत-ए-इफ्तार में आने का न्योता दिया था, लेकिन कांग्रेस से कोई भी बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ। सिर्फ कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास, विजेन्द्र चौधरी, एजाउल हक नजर आए, लेकिन ना तो बिहारी कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू दिखे और ना ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ही नजर आए।
कांग्रेस के केवल तीन विधायक आयेः
कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास ने बताया कि सब लोग आए हैं, विधायक विजेन्द्र चौधरी, एजाउल हक मौजूद हैं। हमारे प्रभारी बैठक कर रहे हैं। राजद के कार्यक्रम में कांग्रेस बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी, इस बार नजर नहीं आ रही है, पत्रकारों के इस सवाल पर प्रतिमा दास ने कहा कि ‘नो कमेट्स’। पिछले दिनों बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कांग्रेस की बी टीम के सवाल पर कहा था कि कांग्रेस किसी की बी टीम नहीं है। पार्टी इस बार जनता की ए टीम बनकर चुनाव लड़ेगी। हम मजबूती से चुनाव लड़ेंगे और पार्टी को मजबूत करेंगे।
उठ रहे सवालः
लालू यादव के इफ्तार पार्टी में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ, जिसे लेकर अब कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। लोग दबी जुबान पूछ रहे हैं कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक है। सोमवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हर साल की तरह 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास में दावत-ए-इफ्तार न देकर अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद के सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी के सरकारी आवास 12 स्टैंड रोड पर इफ्तार का आयोजन किया।
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