अरुंधति रॉय पर यूएपीए के तहत चलेगा मुकदमा, जानें वजह [Arundhati Roy will be prosecuted under UAPA, know the reason]

3 Min Read

दिल्ली के एलजी ने दी मुकदमा चलाने की अनुमति

नई दिल्ली, एजेंसियां। लेखिका अरुंधति रॉय की मुश्किलें जल्द ही बढ़ने वाली हैं। वजह यह है कि, उनपर आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

बताते चलें कि, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने अरुंधति रॉय और कश्मीर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल लॉ के पूर्व प्रोफेसर डॉ शेख शौकत हुसैन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।

भड़काऊ भाषण देने का है आरोप

अरुंधति रॉय पर कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। इसी सिलसिले में उन पर मुकदमा दायर हो रहा है।

बता दें कि, इस मामले में एफआईआर 20 अक्टूबर 2010 में दर्ज की गई थी। सुशील पंडित नाम के शख्स की शिकायत पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

वर्ष 2010 का है मामला

अरुंधति रॉय और शौकत हुसैन ने 21 अक्टूबर 2010 को एलटीजी ऑडिटोरियम कॉपरनिकस मार्ग नई दिल्ली में आजादी – द ओनली वे के बैनर तले आयोजित एक सम्मेलन में कथित तौर पर उत्तेजक भाषण दिए थे।

सम्मेलन राजनीतिक कैदियों की रिहाई समिति की ओर से आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में रॉय पर आरोप लगा है कि उन्होंने देश विरोधी बयान दिया था।

जिसके बाद उनपर मामला दर्ज किया गया था। राज निवास के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि रॉय और कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर शेख शौकत हुसैन के खिलाफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट, नयी दिल्ली की अदालत के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

रॉय और हुसैन की तरफ से इसपर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मामले में कश्मीर के एक सामाजिक कार्यकर्ता सुशील पंडित की शिकायत पर 28 अक्टूबर, 2010 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

राज निवास के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले में अरुंधति रॉय और कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्व प्रोफेसर डॉ. शेख शौकत हुसैन के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम की धारा 45 (1) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।

इसे भी पढ़ें

दिल्ली दंगे 2020: उच्च न्यायालय ने यूएपीए मामले में आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं