नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) आगामी 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। वर्तमान समय में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारी तथा नए कर्मचारी भी इस पेंशन योजना के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
यूपीएस राष्ट्रीय पेंशन योजना की तर्ज पर ही काम करेगा। कर्मचारियों के वेतन का 10% अंशदान इस कोष में जमा किया जाएगा।
यह होगा प्रावधान
केंद्र सरकार द्वारा शुरू, एकीकृत पेंशन योजना (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) 1अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएगी। इस पेंशन स्कीम के अंतर्गत केंद्र सरकार में काम करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिमाह 10 हजार रुपये, पेंशन के रूप में देने की गारंटी दी जाती है। इसके तहत कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत अंशदान इस कोष में जमा किया जाता है। सरकार भी अपनी तरफ से कर्मचारियों के कोष में 10 प्रतिशत का अंशदान जमा करेगी।
एनपीएस की तर्ज पर ही काम करेगा यूपीएस
यूनिफाइड पेंशन स्कीम ( यूपीएस) के लिए कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने वाले, केंद्र सरकार में वर्तमान तौर पर कार्यरत कर्मचारी तथा ऐसे कर्मचारी, जिनकी नई भर्ती हुई है, वह भी इस आवेदन के पात्र होंगे। आवेदन करते वक्त कर्मचारियों का अपने लिए रजिस्टर्ड पेंशन निधि और निवेश पैटर्न का विकल्प मौजूद रहेगा। यूपीएस वर्तमान समय में चल रहे, राष्ट्रीय पेंशन योजना की तर्ज पर ही काम करेगा।
रकम की निकासी के लिए लागू होगी शर्तें
यूनिफाइड पेंशन स्कीम से जुड़ने की तिथि से लेकर 3 वर्ष की समयावधि पूरी होने के बाद ही, सदस्य अपने व्यक्तिगत कोष से 25 फीसदी तक की राशि की निकासी कर सकते हैं। पूरी पेंशन योजना के दौरान अधिकतम 3 बार निकासी संभव होगी। यदि कोई कर्मचारी एनपीएस के अंतर्गत पूर्व में, जमा रकम की निकासी कर चुका है, तो उस राशि को भी इसमें गिना जाएगा। निकासी के लिए कुछ शर्तें लागू होंगी, जिन्हें पूरा करने के बाद ही कर्मचारी रकम की निकासी करने में सक्षम हो सकेंगे।
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