सरायकेला, एजेंसियां। झारखंड के सरायकेला जिले में मनरेगा मजदूर चांद मुनि मुंडारी की बकाया मजदूरी 73 हजार का भुगतान नहीं करने पर सरायकेला सिविल जज ने एसडीओ कार्यालय को सील करने का आदेश जारी कर दिया। यह मामला 2005-06 का बताया जा रहा है, बताया जाता है की इसके लिए पीड़ित मजदूर ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
सरायकेला सिविल जज आशीष अग्रवाल की अदालत में वाद संख्या 5/2024 दर्ज किया गया, जिसके तहत कोर्ट ने सरायकेला बीडीओ (प्रखंड विकास अधिकारी) कार्यालय को सील करने और उनकी चल संपत्तियों को जब्त कर नीलाम करने का आदेश जारी किया।
मंगलवार को जारी हुआ आदेश
मंगलवार को न्याय नाजीर गोविंद कुमार और न्यायालय कर्मियों ने इस आदेश को लागू करते हुए बीडीओ कार्यालय को सील कर दिया। इसमें बीडीओ की सरकारी गाड़ी (नंबर JH22C-3793) के साथ-साथ कार्यालय की अलमारी, टेबल-कुर्सी, फ्रिज, एसी, पंखे जैसी सभी चल संपत्तियां जब्त की गईं।
यह कार्रवाई मजदूरी भुगतान में देरी या अनियमितता के खिलाफ एक सख्त कदम मानी जा रही है। यह मामला मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना से जुड़ी है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को 100 दिनों की गारंटी मजदूरी प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है।
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