आरा। भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह भी राजनीति में इंट्री करेंगे। वह आगामी लोकसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं। पवन सिंह ने 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। कहा जा रहा है कि उन्हें बीजेपी से टिकट मिलने की पूरी उम्मीद है।
यदि टिकट नहीं भी मिला, तो भी वह चुनाव जरूर लड़ेंगे, चाहे निर्दलीय ही क्यों न लड़ें। बीजेपी के विधायक और भोजपुरी फिल्म निर्देशक विनय बिहारी ने कहा है कि पवन सिंह ने अगर मन बना लिया है, तो वह उससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। वह जरूर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि पवन सिंह की जिंदगी में मां सबसे ज्यादा अहमियत रखती हैं। पवन सिंह मां की बात नहीं उठाचे। उनकी मां की इच्छा है कि पवन सिंह 2024 में लोकसभा चुनाव जरूर लड़ें। अगर पवन सिंह से उनकी मां ने कोई इच्छा जताई है तो वह उसे जरूर पूरा करते हैं।
विनय बिहारी ने बताया कि 2014 से पवन सिंह बीजेपी के लिए प्रचार करते रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी उन्हें कोलकाता, आसनसोल या हावड़ा से प्रत्याशी बनाना चाहती थी, लेकिन ऐन मौके पर पार्टी ने किसी और को टिकट दे दिया।
उन्होंने बताया कि पवन सिंह के पिता नौकरी के सिलसिले में हावड़ा में रहते थे। पवन सिंह का जन्म भी वहीं हुआ था। इसलिए बीजेपी उन्हें उनके जन्म स्थान हावड़ा से प्रत्याशी बनाना चाहती थी। हालांकि, पवन सिंह की मां बेटे के लिए आरा लोकसभा सीट से टिकट चाहती हैं।
विनय बिहारी के अनुसार पवन सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए सीट भी फाइनल कर ली है। पवन सिंह बिहार के आरा, छपरा, गोपालगंज, बक्सर समेत उन छह सीटों में से किसी एक से चुनाव में उतरना चाहते हैं, जो भोजपुरी भाषा बाहुल्य हैं।
इतना ही नहीं, पवन सिंह उत्तर प्रदेश की भोजपुरी भाषा बोली जाने वाली सीटों से भी चुनाव में उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के देवरिया, कुशीनगर, बलिया का ऑप्शन दिया है। इसके अलावा उन्होंने झारखंड के धनबाद से भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
जब रवि किशन जौनपुर के होकर गोरखपुर से लड़ सकते हैं, मनोज तिवारी भभुआ से होकर दिल्ली से चुनाव लड़ सकते हैं, दिनेश लाल निरहुआ आजमगढ़ से चुनाव लड़ सकते हैं, तो पवन सिंह कहीं से चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते हैं।
इसे देखते हुए पवन सिंह ने भोजपुरी भाषा वाली तमाम सीटों के ऑप्शन दिए हैं। इसे देखते हुए पूरी उम्मीद है कि बीजेपी उन्हें कहीं ना कहीं से 2024 में जरूर प्रत्याशी बनाएगी, क्योंकि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व तक यह मैसेज पहुंच गया है कि अगर मां ने कोई बात कही है तो उसे पवन सिंह जरूर चुनाव लड़ेंगे, चाहे वह हारे या जीते।
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