झारखंड में अभी किसका शासन

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संवैधानिक संकट से गुजर रहा राजय

रांची। झारखंड में 31 जनवरी की रात 8.30 बजे के बाद से टेक्निकली किसकी सरकार है? हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद तकनीकी तौर पर मंत्रिमंडल भंग हो गया है। कार्यवाहक सीएम के बारे में कोई सूचना है नहीं।

नई सरकार के लिए चंपई सोरेन के दावे पर अब तक राजभवन की ओर से किसी निर्णय की सूचना नहीं है। क्या राज्य में राष्ट्रपति शासन है ? क्या इसकी कोई अधिसूचना जारी हुई है?  पिछले 14 घंटे से राज्य में किसकी सरकार है? स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

क्या कोई इस सवाल का सही जवाब दे सकता है? जो लोग सीएम के कथित तौर पर “लापता” होने को संवैधानिक संकट बता रहे थे, क्या वे आज की स्थिति पर कोई रोशनी डाल सकते हैं? झारखंड आज इन सवालों के घेरे में हैं और इसका जवाब किसी पास नहीं है।

या कहें कि जिनके पास इनका जवाब है, वे देना नहीं चाहते। एक ओर चुने हुए 43 प्रतिनिधि राज्यपाल के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर बुलावा भेजनेवाले के दरवाजे अब तक बंद हैं।

दो दिन पहले जब हेमंत सोरेन 32 घंटे के लिए लापता हुए थे, तब संवेधानिक संकट की दुहाई दे रहे लोग अभी चुप हैं। निर्णय लेनेवालों को किसका इंतजार है। झारखंड में राजनीतिक स्थिति कब तक स्पष्ट हो सकेगी। ये सारे सवाल है, जिनका जवाब झारखंड की जनता भी चाहती है।

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