रांची। आरआरडीए और रांची नगर निगम में नक्शा पास करने के एवज में पैसे लिए जाने के मामले की सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की कोर्ट में हुई। हाईकोर्ट ने साल 2022 के दिसंबर महीने में आरआरडीए और रांची नगर निगम से नक्शा पास करने पर रोक लगा दी थी।
गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रोक को हटा ली। अब आरआरडीए और रांची नगर निगम से नक्शा पास होने लगेगा। वहीं कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया है कि नक्शा पास करने में पूरी पारदर्शिता रखें। नक्शा पास करने जो प्रक्रिया है, उसे सरल करें।
क्यों लगी थी रोक
मीडिया में खबर प्रकाशित हुई थी। जहां बताया गया था कि रांची नगर निगम और आरआरडीए में नक्शा पास करने के बदले पैसे लिए जाते हैं। यह पैसा स्क्वायर सेंटीमीटर के हिसाब से होता है। खबर प्रकाशित होने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने इसे स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की और फिर अगले आदेश तक नक्शा पास करने पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने 2 दिसंबर 2022 को नक्शा पास करने पर रोक लगा दी थी।
निर्माण सामग्री की कीमतें गिरी
हाईकोर्ट की ओर से नक्शा पास करने पर रोक लगाने से निर्माण सामग्री की कीमतों में काफी गिरावट आ गयी थी। वहीं नगर निगम और आरआरडीए में हजारों की संख्या में नक्शा पास करने के आवेदन पड़े हुए हैं। नक्शा पास करने पर रोक लगाने की वजह से आमलोगों से लेकर बड़े भवन बनानेवाले बिल्डर भी परेशान हो गए थे।
वहीं कई जगहों पर काम ठप हो गया था। सीमेंट और छड़ के सीएंडएफ विक्रेताओं का कहना है कि निर्माण कार्य ठप होने और धीमी गति की वजह से छड़ की बिक्री में लगभग 50 प्रतिशत और सीमेंट की बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत तक की गिरावट आयी है।
अब पकड़ेगी रफ्तार
हाईकोर्ट की ओर से रोक हटाए जाने के बाद भवन निर्माण काम स्पीड पकड़ेगा। वहीं बैंकों में होम लोन के पड़े आवेदन भी निपटाए जाएंगे। रोक की वजह से नगर निगम में जो नक्शे बीते एक साल में पास हुए थे, उनकी कॉपी भी नहीं मिल रही थी। अब सारे काम की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।








