रांची। लोकसभा चुनाव सिंर पर हैं। चुनाव आते ही चुनाव की बाते भी होने लगी है।
ऐसे लोग को जानना है कि झारखंड में सबसे ज्याजा संसदीय चुनाव जीतने वाले दिग्गज कौन हैं। प्रासंगिक प्रश्न है।
बता दें कि झारखंड में सबसे ज्यादा लोकसभा चुनाव जीतने वाले एक नहीं दो हैं और दोनों फिलहाल हमारे बीच हैं।
पर उम्र की बाधा और उम्र जनित बीमारियों के कारण अब वे चुनाव मैदान में नहीं हैं। इन दोनों के ही बारे में कहा जाता है कि लहर किसी की हो, पर जीतेंगे ये ही।
इन दोनों को ही राजनीति का धुरंधर माना जाता है। ये दोनों ही अपने कामों और जनता में लोकप्रिय होने की वजह से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं।
जी हां, भाजपा के कड़िया मुंडा और झामुमो के शिबू सोरेन ने 8-8 बार लोकसभा चुनाव जीते है।
कड़िया मुंडा ने खूंटी से 1977 से 2014 और शिबू सोरेन ने दुमका से 1980 से 2014 के बीच सबसे ज्यादा चुनाव जीतने का कीर्तिमान बनाया है।
रांची से रामटहल चौधरी, सिंहभूम से बागुन सुंब्रई, कोडरमा से रीतलाल प्रसाद वर्मा और गिरिडीह से रवींद्र कुमार पांडेय ने पांच-पांच बार जीत दर्ज किए थे।
इसके अलावा कई प्रत्याशियों ने चार बार जीत हासिल की है। धनबाद से भाजपा के पशुपतिनाथ सिंह ने 2004 से 2019 के बीच हुए चार चुनावों में लगातार जीत दर्ज की थी।
हजारीबाग से कुंवर बसंत नारायण सिंह ने 1962 से 1980 तक चार बार चुनाव जीता था। इसी तरह रांची और खूंटी सीट से जयपाल सिंह मुंडा ने जीत का चौका लगाया था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी लोकसभा चुनाव में जीत की तिकड़ी बना चुके हैं।
उन्होंने कोडरमा और दुमका से जीत हासिल की थी। हालांकि, इस बार वे मैदान में नहीं हैं। उनके अलावा चतरा से विजया राजे लगातार तीन चुनाव जीता था। इसी सीट से धीरेंद्र प्रसाद अग्रवाल भी तीन बार जीते थे।
गोड्डा से निशिकांत दुबे और लोहरदगा से सुदर्शन भगत जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। इस चुनाव में सुदर्शन भगत को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। इससे पहले दुमका सीट से एससी बेसरा ने तीन बार चुनाव जीता था।
इसे भी पढ़ें

