दक्षिण भारत की महिला चल रही नौकरी के नाम पर ठगी का रैकेट

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जमशेदपुर, एजेंसियां। दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के बीरबांस स्टेशन पर फर्जी तरीके से बहाल किये गये तीन युवकों की गिरफ्तारी हुई है। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है।

पकड़े गये 3 युवकों में तमिलनाडु के धीवन कुमार और पश्चिम बंगाल के रुपम शाह व शुभाशीष मंडल शामिल हैं। उन्होंने पूछताछ में बताया कि उन लोगों ने रेलवे में बहाली के लिए आठ- आठ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किये हैं।

मामले में दक्षिण भारत की एक महिला का नाम सामने आया है, जो गिरोह की सरगना है। उस महिला ने ही पैसे मंगवाये हैं। स्थानीय स्तर पर डेविड सिंह बानरा गिरोह के लिए काम करता था।

बीरबांस स्टेशन पर आउटसोर्स कंपनी के तौर पर टिकट बुकिंग के लिए अनुराग पूर्ति को ठेका दिया गया है। अनुराग पूर्ति के लिए डेविड सिंह काम करता था। रेलवे में वेंडर बनने के बाद इन लोगों को काम के लिए युवकों की तलाश थी।

कंसल्टेंसी कंपनी चलाने वाली उक्त महिला ने ठेका कंपनी को युवक उपलब्ध कराये और युवकों से कहा कि उनकी बहाली रेलवे में हो गयी है।

इन युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया और आइडी कार्ड बनाया गया। कहा गया कि अभी उनको ट्रेनिंग के दौरान हर माह सिर्फ 10 हजार रुपये दिये जायेंगे।

इसके बाद हर माह 30 हजार रुपये मिलना शुरू हो जायेगा। ये लोग टिकट एजेंट के तौर पर काम करने लगे।

इस बीच, रेलवे के विजिलेंस विभाग की टीम ने उनको पकड़ लिया और रेल पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में डेविड सिंह और पकड़े गये 3 युवकों के खिलाफ केस दायर किया गया है। इसमें अज्ञात आरोपी भी बनाये गये हैं।

रेल पुलिस मामले में रेलकर्मियों की सहभागिता की भी जांच कर रही है। सीनी ओपी के माध्यम से यह केस दायर किया गया है।

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