क्या लोबिन हेंब्रम बनें इस ‘खेला’ के सूत्रधार ? [Should Lobin Hembram become the architect of this ‘Khela’?]

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रांची। चंपाई सोरेन के साथ लोबिन हेंब्रम और समीर मोहंती दिल्ली पहुंच गये हैं। कहा जा रहा है कि इस पूरे खेल के सूत्रधार लोबिन हेंब्रम ही हैं।

वह पिछले कुछ दिनों से असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और बंगाल के बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में थे।

लोबिन हेंब्रम की गिनती शिबू सोरेन के वफादार सिपाही के रूप में होती है। 1990 में पहली बार विधायक बने लोबिन अब तक 5 बार बोरियो से विधायक चुने गए हैं।

हेमंत सोरेन के पहले टर्म में उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई थी, लेकिन अब लोबिन हेमंत कैबिनेट में नहीं हैं।

2019 से ही नाराज चल रहे थे लोबिन

2019 में जब से हेमंत सोरेन की सरकार बनी है, तब से लोबिन हेंब्रम बागी रुख अख्तियार किए हुए हैं। पहले मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज थे।

इसके अलावा उन्हें किसी आयोग में भी जगह नहीं दी गई। इससे नाराज होकर लोबिन स्थानीय नीति और सरना के मुद्दों पर हेमंत सरकार को घेरने लगे।

लोकसभा चुनाव में लोबिन हेंब्रम ने राजमहल लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया था। चुनाव के बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

विधानसभा से उनकी सदस्यता भी खत्म कर दी गई। अब उनके पास BJP में जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यही कारण है कि बीजेपी के थिंक टैंक ने लोबिन से संपर्क कर चंपाई तक पहुंचने की राह बनाई।

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