विक्रमादित्य कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई, 80 में 40 रिटायर
रांची। झारखंड विधानसभा के अफसरों से वसूली होगी। यह वसूली 80 अफसरों से की जायेगी।
इस मद मे करीब 80 लाख रुपये की वसूली की जायेगी। इन 80 अफसरों में 40 रिटायर हो चुके हैं, जबकि 12 की मृत्यु हो चुकी है।
इन अफसरों द्वारा गुरुत्तर भत्ता (अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन के लिए लिया गया लाभ) के रूप में लिये गये करीब 93.03 लाख रुपये की वसूली की जायेगी।
विधानसभा सचिवालय ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। विधानसभा की ओर से यह भत्ता उठानेवाले 80 अफसरों की सूची तैयार की गयी है।
हर अफसर से औसतन एक लाख रुपये की वसूली होगी। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अफसर इसे एकमुश्त या किस्तों में इसे जमा करा सकते हैं।
किस्त की राशि मूल वेतन या पारिवारिक पेंशन के 10 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए।बता दें कि झारखंड विधानसभा में नियुक्ति-प्रोन्नति घोटाले की जांच करने के लिए गठित विक्रमादित्य आयोग ने इस गड़बड़ी की जांच की थी।
विक्रमादित्य आयोग का कहना था कि एक आदेश में बदलाव कर 80 लोगों ने गलत तरीके से गुरुत्तर भत्ता लिया है।
यह राशि वापस वसूली जानी चाहिए। इनसे वसूली की जानी चाहिए. विक्रमादित्य आयोग के कानूनी पहलुओं की समीक्षा के लिए बने एसजे मुखोपाध्याय आयोग ने विक्रमादित्य आयोग की रिपोर्ट को सही ठहराया और उन्होंने भी राशि वसूलने की अनुशंसा की है।
विधानसभा ने विक्रमादित्य आयोग की रिपोर्ट के आलोक में यह कार्रवाई की है। इस रिपोर्ट को एटीआर में भी शामिल किया गया है।
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