असली गैंग्स ऑफ जामताड़ा दोषी करार [Real gangs of Jamtara convicted]

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रांची: गैंग्स आफ जामताड़ा सलाखों के पीछे पहुंच गया है। इतना नहीं कोर्ट ने गैंग के सदस्यों को दोषी भी करार दे दिया है। अब इन्हें सजा सुनाई जायेगी।

जामताड़ा को देश कुख्यात करनेवाला यही पहला गैंग है। झारखंड में पूरे साइबर गैंग को ही दोषी करार दिये जाने का ये पहला मामला है। यही वो गैंग है, जिनके कारनामों पर चर्चित वेब सीरीज बनी थी।

रांची में विशेष पीएमएलए अदालत ने जामताड़ा के पांच निवासियों को एक ‘संगठित’ साइबर अपराध गिरोह संचालित करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट के तहत दोषी ठहराया।

नेटफ्लिक्स पर ‘जामताड़ा’ नाम की वेब सीरीज 2020 में आई थी। इस शृंखला को झारखंड के इस जिले से कुछ अपराधियों द्वारा संचालित गिरोह द्वारा धोखाधड़ी वाले फोन कॉल करने और बैंक खातों से पैसे निकालने की वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताया गया।

इसके बाद पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने इन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कीऔर धर दबोचा।

ईडी ने 2019 में किया था चार्जशीट

धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दोषी ठहराए गए अपराधियों में गणेश मंडल (51), उसका बेटा प्रदीप कुमार मंडल (30), संतोष मंडल (51) और उसके बेटे पिंटू मंडल (33) तथा अंकुश कुमार (27) शामिल हैं।

सभी पांचों आरोपी जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के मिरगा गांव के निवासी हैं। अदालत इनकी सजा के बिंदु पर 23 जुलाई को सुनवाई करेगी।

ईडी ने मई 2019 में पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

ईडी ने ऐसे कमर तोड़ी गैंग्स ऑफ जामताड़ा की

ईडी ने झारखंड पुलिस की प्राथमिकी और आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए इन साइबर अपराधियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत आपराधिक आरोप लगाए।

आरोप पत्र में उन पर फर्जी तरीके से बैंक अधिकारी बनकर भोले-भाले लोगों के एटीएम/बैंक खातों से अवैध रूप से धन निकालने और स्थानांतरित करने का आरोप लगाया गया था।

ईडी ने किया था सनसनीखेज खुलासा

ईडी ने कहा था कि उसकी जांच में पाया गया कि ‘आरोपियों ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर बैंक ग्राहकों, कुछ अन्य व्यक्तियों को धोखा देकर अपने बैंक खातों और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में धन अर्जित किया और उसे घरों के निर्माण और वाहनों की खरीद में लगाया।’

ऐसे सुर्खियों में आया था जामताड़ा

झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 210 किलोमीटर दूर स्थित जामताड़ा में 2021 में साइबर अपराध के 76 मामले दर्ज किए गए और 187 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया।

वर्ष 2022 के दौरान साइबर अपराध के मामलों में 72 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 97 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इन्हीं जालसाजों पर आधारित नेटफ्लिक्स पर जामताड़ा- सबका नंबर आएगा (Jamtara- Sabka Number Aaega Season 1 and 2) वेबसीरीज के दो सीजन बनाए गए थे।

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