Ration Card Holders In Jharkhand:
रांची। राज्य में 24% राशन कार्डधारी सदस्य अभी भी ई-केवाईसी से बाहर है। आधार लिंकिंग व बायोमेट्रिक सत्यापन पर जोर झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने और फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राशन कार्ड ई-केवाईसी (E-KYC) को अनिवार्य किया है। इसके तहत आधार लिंकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य डिजिटल प्रमाणीकरण जरूरी हैं। हालांकि राज्य में इस प्रक्रिया की रफ्तार बेहद धीमी है।
अब भी 61.63 लाख सदस्य असत्यापित
राज्य भर में 2,63,06,320 राशन कार्डधारी सदस्य हैं, लेकिन अभी तक मात्र 2,01,42,529 सदस्यों का ही E-KYC पूरा हो पाया है।
इसका मतलब है कि 61,63,791 लाभार्थी अभी भी असत्यापित हैं जो कुल संख्या का लगभग 24 प्रतिशत है।
यह स्थिति केंद्र सरकार को चिंतित कर रही है, जिसके बाद राज्यों को सत्यापन अभियान तेज करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
फर्जीवाड़ा रोकने का यह प्रयास है
सरकार का कहना है कि ई-केवाइसी से उन अयोग्य लोगों की पहचान आसान हो जाती है, जो गलत तरीके से राशन उठा रहे हैं। इससे वास्तविक लाभुकों को जोड़ा जा सकेगा। लेकिन कई जिलों में लाभुक आधार लिंकिंग या बायोमेट्रिक मिलान में देरी कर रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
केंद्र ने बढ़ाई सख्ती
केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी राशन कार्डधारियों का E-KYC जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। तभी नए सदस्य सूची में जोड़े जाएंगे।
विभागों द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही लाभुकों को चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन वितरण में बाधा आ सकती है।सरकार का मानना है कि यह कदम खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जरूरी है।








