Dishom Guru:
रांची। झारखंड के सभी सरकारी स्कूलों में गुरुवार को दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पावन स्मृति में एक विशेष मौन सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। छात्रों को शिबू सोरेन के जीवन और उनके संघर्षों के बारे में जानकारी दी गई।
गुरुजी के संघर्षों को याद किया गयाः
शिबू सोरेन, जिन्हें दिशोम गुरु के नाम से भी जाना जाता है, ने झारखंड के आदिवासी समाज के उत्थान और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने में अहम भूमिका निभाई। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि कैसे उन्होंने अपने बलिदान और मेहनत से झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया। उनके जीवन की कहानी ने बच्चों को सेवा, संघर्ष और समर्पण के महत्व को समझाया।
छात्रों ने लिया संकल्पः
इस दौरान छात्रों ने शिबू सोरेन के आदर्शों को अपनाने और समाज में न्याय और समानता के लिए काम करने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने यह भी कहा कि शिबू सोरेन के द्वारा दिखाई गई राह पर चलकर बच्चे अपने जीवन में नैतिकता, सच्चाई और समाज सेवा के सिद्धांतों को मजबूत कर देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं।
राज्य के सभी स्कूलों में हुआ कार्यक्रमः
यह मौन सभा छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी और उनके दिलों में देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत की। इस प्रकार पूरे झारखंड में शिबू सोरेन की याद में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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