Wife and lover convicted:
रांची। झारखंड की राजधानी रांची से एक सनसनीखेज पारिवारिक हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें पत्नी तारामणि देवी और उसके प्रेमी नेहरू सिंह मुंडा को पति की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास के साथ-साथ 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना न देने की स्थिति में दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 16 मई 2016 का है, जब आर्मी में पोस्टेड जीतलाल मुंडा की रात करीब 11 बजे उनके ही घर में निर्मम हत्या कर दी गई थी।
पत्नी ने खुद ही पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई
खास बात यह है कि घटना के अगले ही दिन खुद उनकी पत्नी तारामणि देवी ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन जांच के दौरान कॉल डिटेल्स और मोबाइल रिकॉर्ड ने इस हत्याकांड का राज खोल दिया। पता चला कि पति की अनुपस्थिति में तारामणि के नेहरू सिंह मुंडा से अवैध संबंध थे और दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। हत्या की रात तारामणि ने प्रेमी को घर बुलाया, और जैसे ही दरवाजा खोला गया, नेहरू और उसके साथियों ने जीतलाल पर हमला कर उनकी हत्या कर दी।
तारामणि और नेहरू बने दोषी
इस मामले में कुल सात आरोपी बनाए गए थे, लेकिन पांच लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। कोर्ट ने तारामणि और नेहरू को दोषी माना और सजा सुनाई। मामले की पैरवी लोक अभियोजक सिद्धार्थ सिंह ने की। अदालत के इस फैसले को समाज में न्याय और विश्वास की पुनर्स्थापना के तौर पर देखा जा रहा है, जहाँ एक संगीन अपराध के पीछे छिपी साजिश को कानून के दम पर उजागर कर दोषियों को सजा दी गई।
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