DMFT funds:
रांची। झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार से कृषि योजनाओं में CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) और DMFT (District Mineral Foundation Trust) के फंड का उपयोग करने की अनुमति मांगी है। यह मांग केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित रबी कार्यशाला में उठाई गई, जिसमें 18 राज्यों के कृषि मंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। झारखंड का प्रतिनिधित्व कृषि विभाग के विशेष सचिव गोपाल तिवारी के नेतृत्व में किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य
कार्यशाला का उद्देश्य राज्यों से कृषि योजनाओं में बदलाव और सुधार पर राय लेना था। झारखंड सरकार ने यह तर्क दिया कि केंद्र सरकार के अनुदान अपर्याप्त होने के कारण राज्य को अतिरिक्त राशि देने की जरूरत पड़ती है। विशेष रूप से कृषि यांत्रिकीकरण योजना में राज्य सरकार 30-80% तक टॉपअप देती है ताकि SC/ST किसानों को इसका लाभ मिल सके। राज्य ने कहा कि CSR और DMFT फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलने से आर्थिक बोझ कम होगा और योजना का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचेगा।
राज्य का प्रस्ताव
राज्य ने यह भी प्रस्ताव रखा कि झारखंड में 85% कृषि वर्षा आधारित है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘एकीकृत कृषि मॉडल’ विकसित किया जाए, जिसमें PDMC, MIDH, KCC और Soil Health योजना को सम्मिलित किया जाए। इसके साथ ही Annual Action Plan और Convergence Plan की स्वीकृति भी मांगी गई ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।इस पहल से राज्य में कृषि योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ने और किसानों को अधिक समग्र लाभ मिलने की संभावना है।
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