रांची विवि में याद किये गये डॉ करमा, भावुक हुआ माहौल

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रांची। शिक्षाविद डॉ करमा उरांव को रांची विश्वविद्यालय में मंगलवार को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी। बता दें कि बीते शनिवार को शिक्षाविद् डॉ. करमा उरांव का निधन  हो गया था।

शोक सभा में सभी विभागों के हेड, डीन, प्रोफेसर, पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल रहे। सभी ने डॉ. करमा उरांव को याद कर उनके साथ गुजारे लम्हों को याद किया। सभा की अध्यक्षता कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने की।

कुलसचिव डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता ने डॉ. करमा उरांव की जीवनी और रांची विश्‍वविद्यालय में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1978 में राम लखन सिंह यादव कॉलेज से रांची विवि में अध्यापन शुरू करने से लेकर 2017 में अपने सेवानिवृति तक उन्होंने रांची विविऔर झारखंड के लिए जो कार्य किये वे अप्रतीम है। वह रांची विवि में उपाचार्य, प्रोफेसर, मानवशास्त्र एचओडी, सोशल साइंस डीन, एकीकृ‍त बिहार में बीपीएससी के सदस्य जैसे पदों पर रहे। डॉ. करमा उरांव अंतर्राष्‍ट्रीय स्तर के शिक्षाविद्, चिंतक विचारक और नेतृत्वकर्ता थे।

कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि डॉ करमा का निधन रांची विवि ही नहीं झारखंड के लिए भी बहुत बड़ी क्षति है। उनमें बेहतरीन नेतृत्व क्षमता थी। उन्होंने 25 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में झारखंड और देश का प्रतिनिधित्‍व किया। उनके जाने से हम सभी बहुत आहत हैं।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. दिनेश उरांव ने कहा कि मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैने  उनके अंदर ही पीएचडी की। उनके साथ काम करने का अवसर प्राप्त हुआ। उनका मार्गदर्शन सदैव काम आता है।

डीएसडब्‍लयू डॉ सुदेश कुमार साहू ने कहा कि डॉ.करमा उरांव के साथ बहुत दिनों तक काम किया उनसे सीखा हुआ आज भी हम सबों के काम आता है।

टीआरएल एचओडी डॉ. हरि उरांव ने कहा कि बिशुनपुर जैसे सुदूर गांव के सरकारी स्‍कूल से पढ़ कर रांची विवि में अध्यापन को आये थे। इसक कारण से वह जमीन से जुड़े व्यक्ति थे।

डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा डॉ. करमा उरांव नि:संकोच अपनी बातें रखते थे और सुनते थे। किसी भी तरह के भेद भाव से दूर रहने वाले ऐसे व्‍यक्ति का हम सब के बीच से चले जाना बहुत बड़ी क्षति है। 

शोक सभा में प्रोवीसी डॉ.  अरूण कुमार सिन्हा, एफए डॉ. देवाशीष गोस्वामी, सीसीडीसी डॉ. पी.के. झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष कुमार झा, एफ.ओ. डॉ. कुमार आदित्येंद्रनाथ शाहदेव, डिप्टी डायरेक्‍टर वोकेशनल डॉ. स्‍मृति सिंह समेत अन्य शामिल थे।

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