Ranchi illegal meat shops:
रांची। रांची नगर निगम ने शहर में बढ़ती अव्यवस्था, गंदगी और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन को देखते हुए बिना लाइसेंस से चल रही मांस-मछली की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम की टीमों ने शहरभर में जांच अभियान चलाते हुए 17 दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए और कई दुकानों को नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में स्वच्छता बनाए रखना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। नगर निगम के अनुसार रांची में करीब 3000 से अधिक मांस-मछली की दुकानें संचालित हैं, जिनमें से कई बिना वैध लाइसेंस के चल रही हैं।
जांच के दौरान क्या आया सामने?
जांच के दौरान कई दुकानों में साफ-सफाई नहीं मिली और न ही कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था थी। खुले में गंदा फेंकने के कारण आसपास संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा था। कई दुकानें बिना नवीनीकरण के वर्षों से संचालित हो रही थीं। बता दे स्वच्छता जांच के दौरान जो दुकानें मानकों पर खरी नहीं उतरीं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। इसी क्रम में 17 दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए, जबकि कई दुकानों को सुधार के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। निगम ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई भी दुकान खुले में मांस का कचरा फेंकती हुई पाई गई, तो उसे तुरंत सील कर दिया जाएगा और चालान भी काटा जाएगा।
जानकारी के अनुसार:
जानकारी के अनुसार नगर निगम ने सभी दुकानदारों को एक सप्ताह की मोहलत दी है, जिसमें उन्हें अपने लाइसेंस का सत्यापन और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके बाद भी नियमों का पालन न करने वाली दुकानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।निगम की टीमें अब सभी वार्डों में जाकर दुकानों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पानी निकासी और लाइसेंस जांच करेंगी। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध या अस्वच्छ दुकान की जानकारी निगम को दें।
निगम ने क्या कहा?
निगम का कहना है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और रांची को स्वच्छ व सुरक्षित बनाने के लिए आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस विषय को लेकर कुछ और भी प्रश्नों के जवाब चाहिए थे जैसे दंड का प्रावधान क्या है? किन शर्तों का मांस और मछली विक्रेता उलंघन कर रहे ? निगम नियमित करवाई क्यों नहीं हो रही है ? जब IDTV इंद्रधनुष की टीम ने रांची नगर निगम के उप प्रशासक संजय कुमार को कॉल किया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया। इतना ही नहीं हमारी टीम ने हेल्थ अफसर से भी बात करने की कोशिश करने की लेकिन उन्होंने ने भी कॉल नहीं उठाया। इससे यही समझ आता है कि शायद इस विषय को लेकर वे ज्यादा सीरियस नहीं है।

