सीएम की तस्वीर हटाने पर राजभवन और सरकार आमने-सामने

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झामुमो ने की जांच की मांग

रांची। रांची यूनिवर्सिटी के आर्यभट्‌ट सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर हटाये जाने के मामले में तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर राजनीति तेज हो गयी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। विनोद पांडेय ने कहा कि यह राज्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। अगर किसी भी कार्यक्रम से मुख्यमंत्री या राज्यपाल की तस्वीर को किसी के इशारे पर हटाया गया है, तो कार्रवाई होनी चाहिए।

बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन मुख्यमंत्री को यह सूचना मिली की उनकी तस्वीर हटा दी गई है, तो वह नहीं गये। अब झामुमो इस पूरे मामले की जांच पर अड़ा है। झामुमो ने पूछा है कि यह सब किसके इशारे पर हुआ। राज्यपाल या विश्वविद्यालय ? जांच होनी चाहिए।

विनोद पांडेय ने कहा कि यह सिर्फ राज्य के मुखिया के साथ नहीं हुआ है, बल्कि आदिवासी समाज पर हमला हुआ है। राजभवन का जो रवैया सरकार के प्रति यहां के लोगों के प्रति और यहां की जनता की प्रति जो रवैया है उसका जल्द पर्दाफाश होगा।

बहरहाल, इस विवाद ने राज्य में राजनीति तेज कर दी है। बता दें कि भारत स्वच्छता अभियान के मौके पर एक दिसंबर को रांची यूनिवर्सिटी ने आर्यभट्ठ सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि थे। राज्यपाल के आने से पहले राजभवन के अधिकारी ऑडिटोरियम का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

इसके बाद वहां मंच के दोनों ओर लगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीरों को हटवा दिया गया। हालांकि कार्यक्रम के बाद फिर से सीएम की तस्वीरें लगा दी गईं। बताया जाता है कि राजभवन के अधिकारी ने ऑडिटोरियम में मौजूद सेल फॉर वोकेशनल स्टडीज की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. स्मृति सिंह से बातचीत की। उनसे पूछा कि यहां मुख्यमंत्री की तस्वीर है, तो प्रधानमंत्री की क्यों नहीं।

राजभवन के अधिकारी ने पहली बार सुबह 10:25 बजे विश्वविद्यालय के अधिकारियों को सीएम की तस्वीर हटाने का निर्देश दिया। तस्वीर नहीं हटी तो पांच मिनट बाद फिर हटाने को कहा गया। इस पर वहां मौजूद एनएसएस के वॉलेंटियर्स तस्वीर हटाने के लिए बढ़े तो विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मना कर दिया। कहा कि तस्वीर हटाई गई तो बवाल हो जाएगा। तब वॉ​लेंटयिर्स पीछे हट गए।

फिर तीसरी बार जब सख्त लहजे में आदेश दिया गया, तो तस्वीर हटा ली गई। बताते चलें कि रांची यूनिवर्सिटी के मोरहाबादी कैंपस स्थित आर्यभट्‌ट ऑडिटोरियम में मंच के सामने दोनों ओर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगी हुई है।

यह तस्वीर करीब एक साल पहले लगाई गई थी, जब प्रो. अजीत सिन्हा वीसी बने थे। वहीं मंच के अंदर दीवार पर बाईं ओर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दाईं ओर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन की तस्वीर है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद फिर सीएम हेमंत सोरेन की तस्वीर की फिर उसी स्थान पर लग गई जहां पहले था। ताकि लगे की तस्वीर उतारी ही नहीं गई है। इसके बाद अधिकांश विवि अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। इस घटना को सभी स्वीकार कर रह हैं। लेकिन ऑन रिकार्ड बोलने से कतरा रहे हैं।

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