रांची : भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने रविवार को कहा कि राजधानी रांची में केवल पांच महीनों में करीब 2464 अपराध से जुड़े मामले दर्ज किए गए।
राजधानी के सदर, बरियातू, लालपुर और अरगोड़ा जैसे पाश इलाके अपराधियों के निशाने पर हैं। पुलिस की अकर्मण्यता से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जब पुलिस किसी भी मामले की तह तक जाएगी, अपराधी को गिरफ्तार करेगी, सिंडिकेट का भंडाफोड़ करेगी और अपराधियों को सजा दिलाएगी तब जाकर अपराध रुकेंगे।
लेकिन, पुलिस के वरीय पदाधिकारियों को इससे मतलब नहीं है, उन्होंने तो पेट्रोलिंग करने वाले पुलिसकर्मियों को “धन संग्रह” के काम में लगाकर रखा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब पुलिस को हंसेड़ी बनाकर राजनैतिक विरोधियों को मज़ा चखाने, ज़मीन लूटवाने, कोयला, बालू, पत्थर पासिंग कराने के गोरखधंधे में लगाइयेगा तो उससे अपराध नियंत्रण कैसे होगा? अपराधी भी सोच रहे हैं कि “सैंया भये कोतवाल अब डर काहे का”!
